औरैया। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद डॉक्टरों की कमी के बीच तीसरी लहर से निपटने की तैयारी है। हालत यह है कि जिले में ब्लैक फंगस की जांच के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। स्वास्थ्य अधिकारी जहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने की बात कह रहे हैं, वहीं डीएम ने सभी एसडीएम को राशन वितरण में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने शनिवार को मंडल के जिलाधिकारियों से वीडियों कांफ्रेसिंग से बात की थी। इस दौरान औैरैया जिले में राशन वितरण के दौरान रुपये लिए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद सीएम योगी आदित्य नाथ ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इस पर उन्होंने डीएम सुनील कुमार वर्मा से साफ कहा कि राशन वितरण में कतई लापरवाही न हो, संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सीएम ने निगरानी समितियों को एक्टिव करने, जांच के दायरा बढ़ाने तथा मरीजों को समय से इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे।
50 बेडों का बनेगा पोस्ट कोविड हास्पिटल
डीएम सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पोस्ट कोविड मरीजों के लिए अलग से अस्पताल बनाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 50 बेड का पोस्ट कोविड हास्पिटल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही 10 बेड के बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाया जा रहा है। 10 साल तक उम्र वाले बच्चों के माता-पिता का जल्द टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए है। इसके साथ ही राशन वितरण को लेकर मिली शिकायत पर सभी एसडीएम को रविवार को दुकानें चेक करने व राशन वितरण की हकीकत जांचने के लिए भेजा गया है।
40 डॉक्टरों की कमी, पैरामेडिकल स्टाफ को देंगे जिम्मेदारी: सीएमओ
जिले में नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इसको लेकर ब्लैक फंगस के मरीजों की निगरानी करने में भी परेशानी होगी। स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर भी चिंतित है। सीएमओ ने बताया कि जिले में नेत्र रोग और ईएनटी सर्जन के ओपीडी चालू कराने के निर्देश हैं। डॉक्टर न होने के बारे में शासन को अवगत कराया जा रहा है। सभी अस्पतालों में ओपीडी का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। डॉक्टरों की काफी कमी है। वर्तमान में 28 डॉक्टर ही जिले में है, जिसमें से कुछ संक्रमित और छुट्टी पर है। जिले में 40 डॉक्टरों की कमी है। फार्मासिस्टों को निर्देश दिए गए हैं कि वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आकस्मिक सेवाएं संचालित करें। स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकांश डाक्टरों की शिफ्ट में कोविड सेंटर में ड्यूटी लगी हुई है। इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने में परेशानी हो रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए 10 बेड का बच्चों के लिए वार्ड बनाया जा रहा है। इसके साथ ही 10 साल तक उम्र के बच्चों वाले अभिभावकों के चिह्नित कर टीकाकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है।