सहायल (औरैया)। सहार ब्लॉक में उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति बदहाल नजर आ रही है। हालात यह है कि जिनपर ग्रामीणों अंचल में इलाज की जिम्मेदारी थी, वही इस संकट की घड़ी में बीमार पड़े नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी पहले से बंद है। अब मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया गया। इन केंद्रों पर शुरुआती दौर में डॉक्टर, स्टाफ नर्स और एएनएम की तैनाती की गई। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण धीरे-धीरे अस्पताल में तैनात कर्मियों का मोह भंग होता गया। आज हालात यह है कि अस्पतालों में ताले लटके हुए हैं। किसी केंद्र पर एएनएम नहीं आती है तो किसी केंद्र के जर्जर होने के कारण आशा कार्यकर्ता व एएनएम जान जोखिम में नहीं डालना चाहती। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने भी कोरोना काल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चलने वाली ओपीडी पहले से बंद करा दी है। अब लोग सामान्य टीकाकरण से लेकर इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
केस-1 सहार ब्लॉक के शिवगंज में बने उपकेंद्र पर एक एएनएम और तीन आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति है। हालात यह है कि कभी उपकेंद्र खुलता ही नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर जब कोई विशेष अभियान चलता है तो ही एएनएम और आशा कार्यकर्ता नजर आती हैं। देखरेख और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते भवन जर्जर होता जा रहा है।
केस-2 नंदपुर में बने उपकेंद्र के परिसर में झाड़ियां खड़ी हैं, परिसर के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। अस्पताल के गेट में पड़ा ताला जंग खा चुका है। इसे देख कर तो यही लग रहा है कि यह वर्षों से खोला ही नहीं गया। आशा कार्यकर्ता और एएनएम भी नहीं आती है। गांव के लोग टीकाकरण के लिए परेशान होते हैं। यहां पर तीन एएनएम और दो आशा की तैनाती है।
केस-3 असू में बने उप स्वास्थ्य केंद्र अपनी दुर्दशा पर ही आंसू बहा रहा है। खिड़की दरवाजे और फर्श टूट चुकी है। गांव के लोगों ने बताया कि जब इसका संचालन हुआ था तो स्टाफ नर्स और एएनएम के साथ कभी-कभी डॉक्टर भी आते थे, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती थीं। अब न तो कोई आता है और नहीं कभी इसे खोला गया।
ब्लॉक सीएचसी पीएचसी उपकेंद्र
सहार 01 03 23
बोले अधिकारी
ब्लॉक के 23 उप केंद्रों में पांच में एएनएम व अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं है। जिसके चलते वहां पर कुछ समस्याएं आ रही हैं, शेष में तैनाती है, यदि किसी केंद्र के लगातार बंद रहने और वहां टीम के न पहुंचने की जानकारी मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राकेश सचान, अधीक्षक, सहार स्वास्थ्य केंद्र