औरैया। चित्रकूट से लेकर इटावा तक बनकर तैयार हुए 296 किलोमीटर के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में औरैया जिले से इटावा सीमा के बीच अभी कई काम अधूरे पड़े हैं। टोल प्लाजा पर भवन निर्माण से लेकर सर्विस रोड, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का काम धीमा है। चढ़ने और उतरने वाले स्थानों पर संकेतक नहीं लगे हैं।
फिलहाल प्रधानमंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का जालौन जिले से उद्घाटन कर दिया है। अभी इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, कुछ लोगों में इसके शुरू होने से इस बात को लेकर खुशी है कि जहां उन्हें सुगम सफर का रास्ता मिला है वहीं आगे चलकर विकास के रास्ते खुलेंगे। हालांकि पहले दिन इस पर लोग सफर करते नजर नहीं आए।
कई जगह पर नहीं लगे संकेतक
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में औरैया के मिहौली (करमपुर) के पास से चढ़ने के लिए रास्ता दिया गया है। यहां से करीब पांच सौ मीटर उत्तर दिशा में चलने के बाद टोल के आगे से जालौन और इटावा जाने के लिए टर्न दिए गए हैं। मगर यहां पर संकेतक लगे नहीं नजर आए। इससे लोगों को कुछ परेशानी भी होगी।
जलनिकासी व शोल्डर का काम अधूरा
एक्सप्रेसवे के किनारे-किनारे जलनिकासी के लिए बनाए गए सूटड्रेन और अंडरपास के शोल्डर पर कई जगह काम अधूरा पड़ा है। यहां पर मिट्टी तो डाली गई है, पर पत्थर व सीसी का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश में मिट्टी बहकर अंडरपास में ही जाने का डर है। इससे जहां कटान होगा, उसके साथ ही गांव के सर्विस रोड पर मिट्टी पहुंचेगी।
टोल पर चल रहा काम, कई जगह नहीं लगी लाइटें
औरैया सीमा में बने टोल पर अभी काफी काम अधूरा है। भवन निर्माण के साथ ही टोल पर फिनिशिंग (परिसज्जा) का काम चल रहा है। इसके साथ ही औरैया से लेकर इटावा जाने वाले रास्ते में कई किलोमीटर तक स्ट्रीट लाइटें भी नहीं लगी हैं।
अधूरा पड़ा टोल प्लाजा का काम। संवाद- फोटो : AURAIYA
जुआं गांव के पास ड्रेनेज सिस्टम के लिए नाली बनाते मजदूर। संवाद- फोटो : AURAIYA
जुआं अंडरपास पर शोल्डर पर पड़ी मिट्टी। संवाद- फोटो : AURAIYA
मिहौली के पास एक्सप्रेस-वे नहीं लगे संकेतक। संवाद- फोटो : AURAIYA