औरैया। प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा में सुधार हो और शिक्षक समय से स्कूल आएं, इसके लिए डीएम ने मंगलवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एसडीएम से निरीक्षण कराकर 36 स्कूलों की हकीकत परखी थी। अफसरों के निरीक्षण में व्यवस्थाएं चाकचौबंद मिलीं, लेकिन दूसरे दिन बुधवार को कई स्कूलों में शिक्षक पुराने ढर्रे पर आ गए।
सुबह आठ बजे से खुलने वाले कई स्कूलों पर ताले लटकते मिले, जबकि शिक्षकों को पौने आठ बजे तक पहुंचने के निर्देश हैं। पड़ताल के दौरान कुछ स्कूलों में गेट के बाहर बच्चे शिक्षकों के आने का इंतजार करते दिखे। देरी से पहुंचे शिक्षक तरह-तरह के बहाने बनाते नजर आए। हालांकि अफसरों ने लेटलतीफी पर जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुल्तानपुर ऐरवाकटरा में सुबह 8:10 बजे तक मेनगेट पर ताला लटका मिला। यहां पर बच्चे भी नहीं पहुंचे थे। कुछ बच्चे गांव के रास्ते से स्कूल की ओर आते जरूर दिखे। यहां प्रधानाध्यापक देवेंद्र कुमार और सहायक अध्यापक राजकुमार शाक्य की तैनाती है। नियम के मुताबिक शिक्षकों को पौने आठ बजे तक पहुंचना होता है। प्रार्थना कराने के बाद आठ बजे से कक्षाएं संचालित करनी होती हैं, लेकिन गुरुजी की लेटलतीफी शिक्षा पर असर डाल रही है। यहां करीब आधे घंटे बाद शिक्षक पहुंचे।
स्कूल गेट में ताला लटका हुआ था। यहां पर गोलू, आकाश, मोहिनी समेत कई बच्चे गेट के बाहर खड़े होकर शिक्षकों के आने का इंतजार कर रहे थे। स्कूल में 98 बच्चे पंजीकृत बताए गए। बच्चों ने बताया कि हम लोग समय से स्कूल आते हैं। गांव के लोगों ने बताया कि स्कूल में प्रधानाध्यापक राजीव कुमार, सहायक अध्यापक सुनील, दो शिक्षामित्र राजकुमार और ममता की तैनाती है। बुधवार को कोई भी शिक्षक समय से नहीं पहुंचा। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बीआरसी में काम था, इसलिए स्कूल पहुंचने में देरी हुई। सहायक अध्यापक सुनील ने बताया कि वह फफूंद से आते हैं। अछल्दा क्रासिंग पर जाम लगने के कारण देरी हुई।
प्राथमिक स्कूल बोझा में सुबह 8:17 बजे तक गेट पर ताला बंद मिला। पड़ोसियों ने बताया कि अभी थोड़ी देर में अध्यापक आते ही होंगे। यहां पर प्रधानाध्यापक गजराज सिंह, सहायक अध्यापक रजत कुमार व एक शिक्षामित्र की तैनाती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि मिड-डे-मील में बुधवार को खीर बननी थी, इस कारण वह दूध लेने चले गए। इसी वजह से आने में देर हुई है।
स्कूल में सुबह 8:18 बजे तक ताला लटकता रहा। स्कूल में पंजीकृत 74 बच्चों में कुछ बच्चे समय से स्कूल पहुंचे तो गेट पर ताला बंद था। बच्चों को बाहर खड़ा देख पड़ोस में रहने वाले लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। लोगों ने बताया कि यहां पर प्रधानाध्यापक प्रिंसी गुप्ता के अलावा सहायक अध्यापक ममता और राधेश्याम की तैनाती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि स्कूल का कुछ काम था, इसलिए स्कूल पहुंचने में थोड़ा समय लगा है।
सुबह आठ बजे से दो बजे तक स्कूल खुलने के निर्देश हैं। शिक्षकों को प्रार्थना कराने के लिए समय से 15 मिनट पहले पहुंचने के निर्देश हैं। जिन स्कूलों में शिक्षक देर से पहुंचे हैं, उनके स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों का निरीक्षण करें। शिक्षकों के आने-जाने पर ध्यान रखें और शिक्षा गुणवत्ता परखें। -विपिन कुमार तिवारी, बीएसए।
फोटो-27एयूआरपी-02- सुल्तनापुर स्कूल में 8:10 बजे तक लटका ताला। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो-27एयूआरपी-03- प्राथमिक स्कूल बोझा में बंद ताला। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो-27एयूआरपी-04-प्राथमिक स्कूल रुरुगंज के बाहर खड़े स्कूल के बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA