औरैया। दो दिन पहले आई आंधी-पानी से हुए फसलों के नुकसान से अभी किसान उबर भी नहीं पाया था कि बुधवार को तड़के आई आंधी और बारिश ने किसानों के अरमानों को फिर से धो डाला। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को 3.1 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। उधर, देर रात फिर आंधी-बारिश का कहर शुरू हुआ। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह टीन-टप्पर उड़ गए। फफूंद में खेतों में पड़ी फसल भीग गई। दिबियापुर में भी जनजीवन प्रभावित रहा।
पाता में पके खड़े गेहूं खेतों में बिछ गए
पाता। क्षेत्र में बुधवार तड़के शुरू हुई बारिश से फसलों को अच्छा खासा नुकसान हुआ है। पिछली बारिश से भीगी फसल के सूखने का इंतजार कर रहे किसानों को इस अचानक बारिश की उम्मीद नहीं थी। इस बारिश से पके खड़े गेहूं खेतों में बिछ गए। जो गेहूं काटकर अभी गट्ठरों में बंधे हुए रखे थे, उनमें भी गट्ठरों के अंदर तक पानी चला गया है। पाता के बढ़ुआ गांव के किसान लालाराम ने बताया कि वह जंगली जानवरों के भय से रात भर जागकर फसलों की सुरक्षा करते हैं। उसे नहीं पता था कि असमय बारिश ही उसका नुकसान कर देगी। किसान लालाराम ने बताया कि इस बारिश से उसको सात से आठ हजार का नुकसान हो सकता है । किसान कप्तान सिंह ने बताया कि उनकी एक एकड़ में उगे गेहूं को उन्होंने कटवाकर गट्ठर में बांध कर रख दिया था। जिसकी बुधवार को कटाई भी होनी थी, इसके बाद बारिश ने सारा खेल ही बिगाड़ दिया।अब उन्हें दस दिन और इंतजार करना पड़ेगा। गेहूं अंकुरित नहीं हुआ तो नुकसान की आशंका कम है।
बिधूना में बारिश से कटाई-मड़ाई का काम बंद
बिधूना। गेहूं की फसल का कटाई का काम चल रहा है। बुधवार को हुई बारिश से कटाई और मड़ाई का काम भी बंद हो गया। बिधूना क्षेत्र के पसुआ ग्राम निवासी किसान शिवमंगल सिंह ने कहा कि दो दिन से हो रही बारिश से खेतों में पक्की खड़ी गेहू की फ सल में भारी नुकसान हो गया। बताया कि उनके पास 70 बीघा खेत में गेहूं की फसल पकी खड़ी है। इंद्रा देवता इस तरह पानी बरसा रहें जिससे काफी नुकसान हो गया है। अखिलेश सिंह व मिजाजी लाल का भी यही कहना है।
मुरादगंज के किसान बोले, बर्बाद हो गए हम
मुरादगंज। किसान हरवीर सिंह सेंगर निवासी भूरेपुर ने बताया कि पांच बीघा में गेंहू की फसल तैयार खड़ी थी। चार बीघा फसल का गेहूं कटा हुआ पड़ा है। एक बीघा में जो गेहूं की फसल खड़ी थी वह खेत में पूरी तरह से बिछ गई है। इसी तरह लोकेन्द्र सिंह निवासी चंदनापुर ने बताया कि बारिश से उनकी तीन बीघे फसल खराब हो गई। यह फसल खेतों में खड़ी थी। बारिश के चलते रात भर नींद भी नहीं आई। सुबह का नजारा देखकर उन्होंने माथा पकड़ लिया। सलैया निवासी सुमित नारायण ने बताया कि दो बीघा में गेहूं की फसल खड़ी थी। आंधी बारिश से वह भी खराब हो गई। रोसंगपुर निवासी किसान कल्लू ने बताया कि उनकी तीन बीघा खेत में फसल तैयार खड़ी थी वह भी बारिश में खराब होने की कगार में है।
किसानों की उड़ी रातों की नींद
फंफूद। फफूं द क्षेत्र में बीते शुक्रवार को जोरदार बारिश होने से खेतों में पकी खड़ी व कटी रखी गेहूं की फसल पूरी तरह भीगने से कटाई का काम रुक गया था। किसान अभी अपनी फ सल के सूखने के इंतजार कर ही रहा था कि बुधबार को हुई बारिश ने उसके चैन को खत्म कर दिया। फफूंद निवासी किसान सलीम खान मेव ने बताया कि उनके 12 बीघा खेत में गेहूं की फ सल थी। जिसमें छह बीघा कटी फसल खेतों में पड़ी है और छह बीघा खड़ी है। मौसम के आए दिन खराब होने से उनकी रातों की नींद उड़ गई है। बताया कि अगर मौसम ऐसे ही रहा तो जो फ सल खेतों में कटी पड़ी है वह भीगने से सड़ने लगेगी और दाना काला पड़ जाएगा। जो फ सल खेतों में खड़ी है उसका दाना हल्का पड़ जाएगा। जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। फ क्कड़पुर गांव निवासी किसान कालीचरण ने बताया कि उनका एक बीघा गेहूं है जो कटा पड़ा है। बारिश से अगर नुकसान होता है तो खाद व बीज का पैसा कहां से अदा करेंगे। किसान मुस्तकीम मेव ने बताया कि उनकी पांच बीघा गेहूं की फ सल है। जिसमें दो बीघा कटा गेहूं खेतों में ही पड़ा है। खाद-बीज का पैसा चुकाने की चिंता सताने लगी है।
कैसे होेंगे बिटिया के हाथ पीले
अजीतमल। किसान पहले ही अन्ना पशुओं की मार से बेहाल था, ऊपर से बेमौसम की हुई बारिश से किसान टूट गया है। सराय अमलिया दांव निवासी किसान प्रताप सिंह ने बताया कि उसने डेढ़ बीघा खेती बटाई पर लेकर गेहूं बोया था। जिसकी फसल अभी आधी कटी खेतों पर ही पड़ी थी और आधी खड़ी थी। बेमौसम हुई बारिश के चलते काली पड़ गई है। अब उसमें कितना दाना निकलता है यह भगवान के ही भरोसे है। सूर्यनगर निवासी किसान नन्हे लाल का कहना है कि पांच बीघा खेत बटाई पर लेकर गेहूं बोया था। जिसकी कटाई चल रही थी आधी फसल खेत में कटी पड़ी थी और बरसात के चलते पूरा पूरा नुकसान हुआ है। अब शायद गेहूं की फसल उस हिसाब की नहीं हो पाएगी। जिसकी उसे आशा थी। उसने यह भी बताया कि इसी फसल के भरोसे वह अपनी बेटी के हाथ पीले करना चाहता था। उसकी उम्मीद पर पानी फि र गया है।