अधिवक्ता के साथ पुलिस की अभद्रता को लेकर जिला जजी के वकीलों का आक्रोश फूट पड़ा। यह कचहरी के बाहर रोड पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जाम से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया। वकील दिबियापुर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किए जाने की मांग पर अड़े रहे। जिला प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। बाद में वकील खुद ही शांत हो गए।
सोमवार की रात लगभग 8 बजे दिबियापुर थाना पहुंचे अधिवक्ता विनायक राव से किसी बात को लेकर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार की बहस हो गई। विनायक राव ने सुबह कचहरी में साथी अधिवक्ताओं को थानाध्यक्ष के अभद्रता करने की जानकारी दी। इससे वकीलों में आक्रोश व्याप्त हो गया। कचहरी में हड़ताल हो गई। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कचहरी के बाहर सड़क पर वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर मार्ग जाम कर दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लाइनें लग र्गइं। कचहरी के सामने सड़क जाम होने की जानकारी पर इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी की। उन्होंने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया।
वकील दिबियापुर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किए जाने की मांग पर अड़ गए। वकीलों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मामला बनता न देख ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर अनुपम शुक्ला व सीओ सिटी श्यौदान सिंह मौके पर पहुंचे। इन्होंने भी अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। वकीलों ने इनकी बात भी नहीं सुनी। इस पर अधिकारी वहां से लौट गए। काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी सुनवाई न होते देख सड़क जाम किए अधिवक्ताओं का आक्रोश ठंडा पड़ता गया। बाद में सभी चले गए।