दिबियापुर। पटना से आनंद विहार टर्मिनल जा रही नॉनस्टॉप एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले बुजुर्ग की शिनाख्त हो गई है।
उनकी पहचान गांव उमरी निवासी महेश कुमार वाल्मीकि के रूप में हुई है। पत्नी की मौत के बाद से वह गहरे डिप्रेशन में थे। परिजन ने मोर्चरी पहुंचकर उनके कपड़ों से पहचान की।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव उमरी निवासी महेश कुमार वाल्मीकि (65) की पत्नी का करीब दो माह पहले निधन हो गया था। पत्नी की मौत के बाद से ही महेश अवसाद में थे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर से यह कहकर निकले थे कि वह दिबियापुर के पास के ही एक गांव में अपने दोस्त से मिलने जा रहे हैं लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजन उनकी तलाश में जुटे ही थे कि उन्हें फफूंद स्टेशन पर किसी वृद्ध के ट्रेन से कटने की सूचना मिली।
हादसे की खबर मिलते ही महेश के दोनों बेटे सर्वेश व दिवेश और बेटी पूजा जीआरपी चौकी पहुंचे। चूंकि ट्रेन की टक्कर से शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था इसलिए परिजन ने मृतक के नीले पैंट, हरी शर्ट और बिना फीते वाले जूतों को देखकर उनकी शिनाख्त अपने पिता महेश के रूप में की। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
दोपहर करीब 11 बजे फफूंद स्टेशन के आरपीएफ बैरक के सामने प्लेटफॉर्म नंबर तीन के पास डाउन ट्रैक पर पटना-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस के आगे कूदकर एक वृद्ध ने आत्महत्या कर ली थी। शव के टुकड़े अलग-अलग बिखर जाने के कारण मौके पर शिनाख्त नहीं हो सकी थी, जिसके बाद जीआरपी ने शव को चिचौली मोर्चरी भिजवाया था।
जीआरपी चौकी इंचार्ज, फफूंद अजीत कुमार ने बताया कि हादसे के बाद परिजन ने मोर्चरी पहुंचकर शव की पहचान कर ली है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।