फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपका खाता खाली कर देंगे साइबर ठग

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। इन दिनों केबीसी में 25 लाख रुपये जीतने, लॉटरी निकलने और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले सक्रिय हैं। इनके जाल में फंसकर जिले में कई लोग ठगी का शिकार भी हो चुके हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी असावधानी पर आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। ठगी के शिकार लोग यदि समय से जानकारी साइबर सेल में दे दें तो उनका पैसा वापस मिल सकता है। (संवाद)
विज्ञापन

इन्होंने दिखाई समझदारी
समाजसेवी लक्ष्मी गुप्ता ने बताया कि उन्हें कॉल कर एक व्यक्ति ने 25 लाख रुपये केबीसी में जीतने की बात कही। जब रुपये जमा कराने की बात कही, तो उन्होंने 25 लाख में आधा हिस्सा फोन करने वाले व्यक्ति को देने की बात कहकर बाकी रुपया देने की बात कही। जिस पर फोन कट गया। खास बात ये है कि जिस नंबर से फोन आया वह नंबर भी अब नहीं लग रहा है।
गरिमा गुप्ता ने बताया कि उन्हें फोन पर 13 लाख की लॉटरी लगने की जानकारी दी गई। लॉटरी की रकम को पाने के लिए एक खाते में रुपये जमा करने की बात कही गई। जब रुपये देने से इनकार किया तो फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने जीती रकम न मिलने की बात कही। परिजनों ने उस नंबर पर बात करने का प्रयास किया तो फोन बंद आया।
विज्ञापन

ये फंसे ठगों के जाल में
शहर के मोहल्ला तिलक नगर निवासी अविनाश गुप्ता ने बताया कि फोन पर कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख रुपये जीतने की जानकारी देने वाले व्यक्ति ने 12,200 रुपये ऑनलाइन एक खाते में जमा कराने को कहे। उन्हाेंने रुपये जमा कर दिए लेकिन रकम नहीं मिली। दोबारा फिर रुपये की मांग की गई। रुपये वापस मांगने पर फोन काट दिया। अब बात नहीं की जा रही है।
गोविंद नगर निवासी कैलाश पाल ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले केबीसी में 25 लाख रुपये जीतने के नाम पर 10 हजार रुपये की ठगी हो गई। रुपये देने के बाद जब जीते रुपये के संबंध में दोबारा फोन किया तो कॉल करने वाले ने फिर पांच हजार रुपये जमा करने पर कोड मिलने के बाद 25 लाख रुपये का कूपन मिलने की जानकारी दी। कहा कि इसी कूपन से ही रकम खाते में पहुंचेगी।
यूं करें बचाव
- फेसबुक, ईमेल पर मजबूत पासवर्ड बनाएं और इसे किसी से भी शेयर न करें।
- किसी अनजान लिंक को क्लिक न करें और अनावश्यक एप मोबाइल पर डाउनलोड न करें।
- अनजान लोगों से वीडियो कॉल न करें और न ही फ्रेंड्स रिक्वेस्ट स्वीकार करें।
- प्रोफाइल में लॉक लगाकर रखें।
- सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी जैसे घर का पता, फोन नंबर, जन्मतिथि और लोकेशन साझा न करें।
वर्जन
साइबर सेल के तेजवीर ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पिछले साल 30 पीड़ितों के लगभग साढ़े छह लाख रुपये वापस कराए थे। इस साल भी एक व्यक्ति का रुपया वापस कराया गया है।
ऐसे बरतें सतर्कता
खाते से रुपये निकलने पर इसकी जानकारी तत्काल पुलिस और संबंधित बैंक को लिखित रूप से दे। जितनी जल्दी हो सके साइबर सेल तक सूचना पहुंचाएं ताकि जिस खाते में रुपया गया है, उसे लॉक किया जा सके। बड़े ठग एक के बाद एक कई खातों में रुपये ट्रांसफर करते हैं। रुपये खाते में रहने तक वापस दिलाए जा सकते हैं। यदि रुपये निकल गए तो मुश्किल होती है। समय से जानकारी मिलने पर ठग को पकड़ा जाता है।
विज्ञापन

इनके रुपये साइबर सेल ने कराए वापस
- 10 नवंबर 2020 को अर्पित भदौरिया निवासी ब्रह्मनगर के 16 हजार रुपये वापस कराए गए।
- अक्तूबर में मोहित कुमार निवासी चपटा अजीतमल के 20,456 रुपये वापस कराए गए।
- दिसंबर में सदर कोतवाली गोविंद नगर निवासी प्रवेश कुमार सेना में जवान हैं। उनके 35 हजार रुपये वापस कराए गए।
- जनवरी 2021 में बिधूना निवासी आशीष कुमार शुक्ला के 50 हजार रुपये वापस कराए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें