फोटो-23एयूआरपी 01- दमा रोगी को न्यूबलाइजर मशीन से दी जाती दवा। संवाद
औरैया। जिले में दीपावली पर्व के बीच चले पटाखों ने वायु गुणवत्ता सूचकांक को 150 के करीब ला दिया है। ऐसे में दमा रोगियों को दिक्कत बढ़ गई है। उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। गुरुवार को शहर के जिला अस्पताल में 30 से ज्यादा दमा रोगी पहुंचे। जिन्हें नेबुलाइजर से उपचारित किया गया। कुछ ऐसा ही हाल चिचौली मेडिकल कॉलेज का भी रहा।
दीपावली पर जमकर चली आतिशबाजी के बीच हवा प्रदूषित होनी शुरू हो गई। इसका असर मंगलवार से ही दिखने लगा था। बुधवार के बाद गुरुवार को भी आसमान में धुंध छाई रही। दिनभर आसमान में स्मॉग छाया रहा। इसके चलते सुबह की सैर सपाटे पर निकलने वाले लोगों की संख्या भी कम हो गई है। खासतौर पर हृदय और सांस के रोगी रहे। शहर के जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में गुरुवार को 30 से ज्यादा दमा रोगी पहुंचे। जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। ऐसे में डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। परामर्श में उन्हें मुंह पर मास्क लगाकर चलने की सलाह दी गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दमा रोगियों की संख्या दीपावली बाद एकाएक बढ़ी है। उनका उपचार किया जा रहा है। जरूरी संसाधन हैं।