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धान क्रय केंद्रों पर नहीं है चाक चौबंद व्यवस्थाएं, कैसे हो खरीद लक्ष्य पूरा

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दिबियापुर (औरैया)। मंडी समिति में तीन धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। सभी को अलग-अलग खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसमें किसी भी क्रय केंद्र पर चाक चौबंद व्यवस्था नहीं दिख रही है। इसके चलते धान खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। यहां तक कि एक धान खरीद केंद्र के संचालक को अपने केंद्र का लक्ष्य तक नहीं पता।
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क्रय केंद्र प्रभारियों के अनुसार नमी युक्त धान आने के कारण धान की खरीद नहीं हो पा रही है। वहीं, आढ़तों पर धान खरीद का क्रम नहीं टूट रहा। यहां आने वाले किसानों का धान आढ़ती खूब खरीद रहे हैं। आढ़ती बताते हैं कि वह लोग सभी प्रकार का धान खरीद रहे हैं। कई आढ़तियों के यहां धान के ढेर लगे दिखे।
मंडी समिति के सी ब्लॉक में आपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पीसीयू) में मंगलवार को थोड़ी मात्रा में धान सूखता मिला। यहां पर मौजूद केंद्र प्रभारी मोहित रावत ने बताया कि पहली नवंबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। उनके केंद्र को 800 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक 10.4 क्विंटल धान खरीद हो पाई है। मोहित के अनुसार अभी नमी युक्त धान आ रहा है। थोड़े दिन बाद बिना नमी के धान आने की उम्मीद है।
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मंडी समिति के बी ब्लॉक में खाद्य एवं रसद विभाग के क्रय केंद्र पर बैनर नहीं लगा दिखा। किसानों को बताया गया कि केंद्र प्रभारी एसएमआई आराधना गिरी मंडी समिति के कार्यालय के बाहर बैठीं हैं। वहीं पर धान के सैंपल का मूल्यांकन होगा, तब यहां पर खरीद होगी।
यहां किसान का धान अन्ना जानवर खाते दिखे। वहीं, एसएमआई आराधना गिरी ने क्रय केंद्र पर बैनर न टंगे होने के बारे में कहा कि उन्हें मंडी समिति ने टिनशेड के नीचे प्लेटफार्म पर धान खरीद करने के लिए कहा है। वहां पर कोई सुविधा नहीं दी गई है। इसलिए मंडी समिति कार्यालय परिसर में बैठकर आए धान के सैंपल को देखतीं हैं। इसके बाद बी ब्लॉक में दी गई दुकान पर खरीद की जाती है। बताया कि उनके विभाग को 31 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसमें से 100 क्विंटल खरीद हो चुकी है।
वहीं, एक अन्य केंद्र भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित को भी धान खरीद का जिम्मा दिया गया है। जिला प्रबंधक सुमित अवस्थी ने बताया कि उन्हें बताया गया है कि उनका पिछला मंडी शुल्क बकाया है। इसलिए स्थान नहीं मिल सकता। लिखापढ़ी की गई है, एक दो दिन में क्रय केंद्र शुरू हो जाएगा। लक्ष्य पूछने पर उन्होंने बताया कि अभी उन्हें लक्ष्य नहीं मिला है।
उधर, सुविधाओं के बारे में प्रभारी मंडी समिति सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि आरएफसी के क्रय केंद्रों को मंडी समिति में स्थान, कांटा, छलना, पैरीडस्टर (धान साफ करने की मशीन), नमी मापक आदि उपलब्ध करा दिया गया है।
एसएमआई आराधना गिरी का कहना है कि धान खरीद हो जाने के बावजूद किसान के बैंक खाते एवं खतौनी में नामों में असमानता होने के कारण बैंक खाते में धनराशि भेजने में समस्या आ रही है। बताया कि इस बार पीएमएमएस के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में रुपया भेजा जा रहा है। इससे पहले राजस्व कर्मी सत्यापन करते हैं।
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