बार-बेंच न्यायिक व्यवस्था में एक दूसरे के पूरक हैं। त्वरित न्याय दिलाने के लिए बार-बेंच में मधुर संबंध की महती आवश्यकता है। यह विचार पहली महिला जनपद न्यायाधीश कल्पना मिश्रा ने जिला जजी में डीबीए द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन में व्यक्त किए।
जिला जज कल्पना मिश्रा ने कहा कि छोटा जिला होने व जजी परिसर में स्थान का अभाव है। इसलिए उनका प्रयास रहेगा कि ककोर मुख्यालय में जिला जजी स्थापना कार्य में तेजी लाई जाए। वर्ष 1984 बैच की जिला जज कल्पना मिश्रा ने वकीलों को आश्वस्त किया कि उनके कार्यकाल में हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर जिला जज प्रदीप कुमार कंसल ने डीबीए द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए जिला बार को न्यायिक प्रक्रिया की धुरी बताया।
इससे पूर्व जिला जजी स्थापना के बाद प्रथम महिला जिला जज के आगमन पर डीजे कल्पना मिश्रा का डीबीए अध्यक्ष अशोक कुमार अवस्थी व महामंत्री देवालय चौधरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पुष्प भेंटकर स्वागत किया।
इसके अलावा जिला जज कल्पना मिश्रा को वरिष्ठ अधिवक्ता महावीर शर्मा, शिवम शर्मा व कुलदीप दुबे ने स्मृति चिन्ह भेंट किए।
इस मौके पर एडीजे प्रदीप कुमार कंसल, अंगद प्रसाद, महफूज अली, सत्य प्रकाश द्विवेदी, सीजेएम हरवंश नारायण त्रिपाठी, शैलेंद्र सिंह व प्रीती चौधरी एवं अमित सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट पूर्व अध्यक्ष सुनील दुबे, समीर अहमद, कुलदीप दुबे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डीजीसी अरुण चतुर्वेदी, जितेंद्र सिंह तोमर, रमेश चंद्र मिश्रा, मुकेश पोरवाल, लालजी दोहरे के अलावा दीपेंद्र सिंह कुशवाह, आनंद दुबे, नरेश पाल, शिवम शर्मा, हृदयनारायण पांडेय, हरप्रकाश शुक्ला, महावीर शर्मा, अरुण त्रिवेदी, रविकांत तिवारी, भूकेश मिश्रा आदि ने भाग लिया।