एक महीने की हाड़कंपाऊ सर्दी के दौर के बाद गुरुवार को आखिरकार भगवान भाष्कर ने अपनी किरणों से शहरवासियों को राहत दी। सुबह के समय घने कोहरे के चलते देर से शुरू हुई दिनचर्या और बाद में निकली धूप ने सर्दी से जकड़े लोगों में गर्माहट ला दी।
गुरुवार को सूर्योदय के समय लोगों ने घना कोहरा देखा था तो सर्दी से जकड़े उनके चेहरों पर निराशा ही झलकती दिखाई दी। घने कोहरे के बीच ठंड से कपकंपाते बच्चे, साइकिलों, रिक्शों और पैदल स्कूल जाते हुए देखे गए तो एक बारगी मौसम की इस बेरुखी को कोसते दिखाई दिए।
दोपहर 12.30 बजे एकाएक कोहरे की चादर चीरकर भगवान भाष्कर ने अपनी किरणें बिखेरी। चंद समय ही शहर की रौनक अठखेलियां कर उठी।