दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुर्वा जोरन में 13 वर्षीय छात्रा के साथ गांव के ही लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया और हत्या करने के उपरांत उसके शव को पेड़ से लटका दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। पुलिस ने मृत छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
वहीं घटना के संबंध में मृतका के चाचा ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया है। वहीं पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया और मातहतों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इधर वारदात के बाद से नामजद अभियुक्त फरार हो गए हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिशें दे रही हैं।
शनिवार दोपहर दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम असेनी के जनता इंटर कालेज की 14 वर्षीया छात्रा अपने घर ग्राम जोरन का पुर्वा पहुंची। तत्पश्चात शौचक्रिया की बात कहकर घर से चली गई। काफी देर तक छात्रा घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने खोजबीन की। तभी गांव के बाहर एक पेड़ पर छात्रा की लाश उसके दुपट्टे से लटकती मिली।
छानबीन पर सामने आया कि छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई।
सामूहिक बलात्कार व हत्या की खबर से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीओ जीडी मिश्रा व थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर फोर्स के साथ मंौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और दिबियापुर थाने पहुंचाया। देर रात 10 बजे एसपी मनोज तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे।
मृतका के चाचा की तहरीर पर गांव जोरन का पुर्वा निवासी निशा पुत्र अजब सिंह, रिंकू पुत्र संतराम, अनिल कुमार पुत्र लाल सिंह, एवं ग्राम असेनी के पवन कुमार पुत्र अरविंद के खिलाफ नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार कर हत्या करने की आईपीसी की धारा 379(डी), 302 एवं 3/4 पास्को एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
रविवार सुबह एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सीओ जीडी मिश्रा, थानाध्यक्ष मोहम्मद फहीम अख्तर के साथ बैठक कर रणनीति बनाई और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
घटना के बाद आरोपियों के घरों में ताले लटक गए हैं। सीओ जीडी मिश्रा एवं थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर की अगुवाई में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर संभावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही हैं।
पुर्वा जोरन गांव में तनाव व्याप्त- ग्राम पुर्वा जोरन के छोर पर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर उसका शव पेड़ पर लटकाए जाने की वारदात से गांव में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है। वहीं वारदात के बाद से आरोपी अभियुक्त और उनके परिजन घरों में ताला लगाकर भाग गए है।
एसपी ने अधीनस्थों के साथ मौका मुआयना किया और नामजदों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। वहीं पुलिस ने मृत छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रविवार सुबह एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने दिबियापुर थाने पहुंचकर आरोपियों को पकड़ने के लिए सीओ जीडी मिश्रा, थानाध्यक्ष मोहम्मद फहीम अख्तर के साथ बैठकर रणनीति तैयार की। सीओ जीडी मिश्रा एवं थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर की अगुवाई में आरोपियों की गिरफ्तारी को संभावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही हैं।
घटनास्थल पर मिला मोबाइल किसका?- दिबियापुर (औरैया)। रात में मौका मुआयना के दौरान घटनास्थल के पास ही एक टच स्क्रीन मोबाइल मिला है।
मोबाइल में स्क्रीन लाक होने से पुलिस ज्यादा कुछ तो पता नहीं लगा पाई। परंतु सिम का मोबाइल नंबर पता कर मोबाइल मालिक के बारे में पता करने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल के जरिए अहम सुराग हाथ आ सकते हैं।
समय से मिलती जानकारी तो मिलते और अधिक क्लू - दिबियापुर (औरैया)। घटना दोपहर की होने के बावजूद पुलिस को सूचना देर शाम हुई। पुलिस का कहना है कि यदि पुलिस को समय रहते जानकारी मिल जाती तो और अधिक क्लू मिल सकते थे।
बताते हैं कि कुछ लोगों ने लड़की की बदनामी का डर दिखाकर मृतका के पैर में कांटा चुभो दिया था। साथ ही सभी को यह कहने के लिए बोल दिया था कि छात्रा की मौत सांप के काटने से हुई है। ग्रामीणों के कहने पर ही बिना पुलिस बुलाए शव को पेड़ से उतरवा लिया।
थानाध्यक्ष मो. फहीम अख्तर के अनुसार उन्हें शाम सवा छह बजे घटना की जानकारी हुई थी। यदि शव उतारने से पहले पुलिस को सूचना मिलती तो और अधिक क्लू मिल सकते थे।
प्रधानी को लेकर रंजिश फिर दहक उठी -वर्ष 2006 में प्रधानी को लेकर प्रारंभ हुई रंजिश में दोनों पक्षों के चार लोगों की हत्याओं के बाद अब सामूहिक बलात्कार की घटना से ग्रामीण खासे सशंकित हैं। पुलिस फूंक फूंककर कदम बढ़ा रही है।
ग्राम जोरन का पुर्वा में चाचा सुघर सिंह और भतीजे लालसिंह के परिवारों के बीच नौ वर्षों से दुश्मनी चली आ रही है। दीवार को लेकर प्रारंभ हुई लड़ाई बाद में प्रधानी की रंजिश में तब्दील हो चुकी है। सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या की घटना में मृतका के दो पारिवारिक भतीजों को भी नामजद किया गया है।
ग्राम जोरन का पुर्वा में दस वर्ष पूर्व एक दीवार को लेकर सुघर सिंह पुत्र भारत सिंह एवं उनके भतीजे लालसिंह पुत्र फूलसिंह के बीच लड़ाई प्रारंभ हुई। बाद में लड़ाई ने प्रधानी को लेकर रंजिश का रूप धारण कर लिया। वर्ष 2006 में सुघर सिंह के पिता प्रधान भारत सिंह एवं चाचा श्रीराम की हत्या कर दी गई।
इस मामले में लालसिंह के भाई रमेश, तिलक सिंह एवं अजब सिंह आजीवन कारावास काट रहे हैं। वर्ष 2007 में लालसिंह और लालसिंह के पिता फूल सिंह की हत्या कर दी गई।
इस मामले में सुघर सिंह, चाचा बाबूराम, प्रेमशंकर पुत्र बाबूराम आजीवन कारावास काट रहे हैं। दोनों परिवार में लंबे समय तक शांति रहने के बाद अब एक बार फिर से मामला गरमा गया है। सुघर सिंह की बेटी की हत्या के बाद गांव में खासा तनाव है।
इस मामले में आजीवन सजा काट रहे दूसरे पक्ष के अजब सिंह के बेटे निशा एवं लालसिंह के बेटे अनिल कुमार को नामजद किए जाने से गांव में तनाव है। पुलिस फूंक फूंक कर कदम बढ़ा रही है।
सीओ सदर का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा हो गया है। एक आरोपी रिंकू का मोबाइल बरामद हुआ है। पुरानी रंजिश को देखते हुए मामले के खुलासे में खासी सतर्कता बरती जा रही है।