औरैया। मेडिकल कॉलेज की ईसीआरपी यूनिट का लंबित काम फर्म ने अंतिम चेतावनी के बाद फिर से शुरू कराया है। इसके एक माह में पूरे हो जाने की संभावना है। इसके बाद बिल्डिंग को अधिग्रहित किया जाएगा।
पूर्व प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाहा ने इस्तीफे से पहले कॉलेज परिसर में ईसीआरपी यूनिट में भुगतान के बाद भी फर्रुखाबाद आवास विकास की फर्म एसएस ट्रेडर्स के काम पूरा न कराए जाने को लेकर अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किया था। अंतिम चेतावनी पत्र में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कानपुर मंडल के 20 फरवरी 2024 को जारी हुए पत्र का हवाला दिया गया।
वहीं शासनादेश का भी जिक्र किया। इसमें फर्म ने मानक के अनुरूप काम न करते हुए अधूरा छोड़ा जाना बताया गया। कई बार पत्र जारी करते हुए काम को पूरा करने के लिए कहा गया, लेकिन फर्म की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और काम अभी तक अधूरा रहा। इस संबंध में 29 मार्च 2023 को 100 शैया युक्त जिला चिकित्सालय के द्वारा 51.98 लाख के भुगतान का भी जिक्र किया गया था।
सरकारी राजस्व का दुरुपयोग करने की श्रेणी बताते हुए फर्म के विरुद्ध शासकीय कार्रवाई की संस्तुति की चेतावनी भी दी गई है। सात मई को यह पत्र जारी हुआ। इसके बाद फर्रुखाबाद आवास विकास की फर्म एसएस ट्रेडर्स ने फिर से काम शुरू कराया है। बिजली की वायरिंग से लेकर एयर कंडीशनिंग सिस्टम व एयर हैंडलिंग यूनिट को तैयार किया जाना फिर से शुरू कराया है।
इंगित किए गए अधूरे पड़े चार बिंदुओं के एक माह पूरा हो जाने की संभावना है। इसके बाद यह यूनिट मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर हो पाएगी। खास बात यह है कि संसाधनों के पूरा होने के साथ ही इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएंगी।
इन बिंदुओं पर अधूरा था ईसीआरपी यूनिट का काम
- बेड हैड पैनल के पावर साॅकेट में विद्युत संयोजन नहीं किया गया।
- सक्शन सिस्टम में विद्युत संयोजन नहीं किया गया।
- इंटीग्रेटिड हायब्रिड एचडीयू नर्सिंग स्टेशन की स्थापना का कार्य नहीं कराया गया है।
- एचडीयू व आईसीयू वार्ड में एयर कंडीशनिंग सिस्टम व एयर हेंडलिंग यूनिट की स्थापना नहीं हुई है।
वर्जन
ईसीआरपी यूनिट के अधूरे पड़े काम को गंभीरता से लिया गया है। कार्यदाई संस्था ने अंतिम चेतावनी के बाद काम शुरू कराया है। एक माह में काम पूरा हो जाने की संभावना है। इसके बाद ईसीआरपी यूनिट का अधिग्रहण कराते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली कराई जाएगी।
-डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज