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Auraiya News: मान ली गलती, सात साल बाद मिल गया कोर्ट की तारीखों से छुटकारा

Sun, 14 Dec 2025 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो- 28 - लोक अदालत को लेकर बैठक करते जिला जज। स्रोत:कर्मी - फोटो : katra news
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औरैया। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में कई लोगों को कोर्ट की तारीखों से छुटकारा मिल गया। उन्होंने अपनी गलती मानी और जुर्माने के बाद न्यायिक अधिकारियों ने वाद निपटा दिए।
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फफूंद क्षेत्र के शिबूपुरु में हमला कर मारपीट करने के एक मामले में साल 2018 से तारीखें पड़ रही थीं। इसका लोक अदालत में निपटारा होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। ऐसे ही कई मामले रहे जिनमें लोग परेशानी से जूझ रहे थे। दिन भर चली कवायद के बीच 21541 वादों को निपटाया गया। न्यायालय परिसर में लगे स्टॉलों का जिला जज मयंक चौहान समेत अन्य न्यायिक अधिकारी जायजा लेते रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव महेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 21541 वादों का निस्तारण हुआ है। इसमें कुल ऋण 4.56 करोड़ रुपये और 3.21 लाख रुपये अर्थदंड की वसूली की गई है। वहीं 13.48 लाख रुपये प्रतिकर लोगों को मिला है। जनपद न्यायाधीश मयंक चौहान के द्वारा दो वाद निस्तारित किए गए हैं। पीठासीन अधिकारी एमएसीटी औरैया ने कुल 88 क्लेम तय करते हुए पीड़ितों को 1.25 करोड रुपये का प्रतिकर अवार्ड दिया गया है।
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प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय द्वारा 39 वाद तय किए गए। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह द्वारा 10 वाद, उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्रा द्वारा पांच वाद, अपर जिला जज प्रथम पारूल जैन द्वारा विद्युत अधिनियम के 536 वाद निस्तारित किए गए।

इसके अलावा राजस्व विभाग द्वारा 9020 वाद और परिवहन विभाग द्वारा 2052 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में एक प्री-लिटिगेशन पारिवारिक वाद भी निस्तारित हुए। इस मौके पर राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज मयंक चौहान, एमएसीटी अधिकारी रजनीश कुमार, प्रधान न्यायाधीश विवेक त्रिपाठी, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, अपर जिला जज पारुल जैन समेत काफी संख्या में न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।



सात साल से आ रहे थे तारीख पर, अब राहत
फफूंद थाना क्षेत्र के गांव शिबूपुर में साल 2018 में राज बनाम पंकज के बीच मारपीट के एक मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद चार्जशीट लगी थी। इस मामले का शनिवार को लोक अदालत में निपटारा कर दिया गया। पंकज ने अपनी गलती स्वीकार ली। पंकज के साथ ही मामले में नामजद तीन अन्य लोगों को भी राहत मिल गई। न्यायिक अधिकारी ने वाद को निपटाते हुए जुर्माने की कार्रवाई की।
बिजली चोरी के वाद से मिला छुटकारा
शहर के मोहल्ला बदनपुर में चार साल पहले राजेश पर बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। ढाई लाख का जुर्माना लगाया गया था। मामले को शनिवार को लोक अदालत में निपटाया गया। 1.20 लाख का जुर्माना लगाते हुए सुलह समझौते के तहत वाद खत्म हो गया।
तारीखों से मिल गया छुटकारा
फफूंद क्षेत्र के गांव काजीपुर में साल 2023 में मारपीट के एक मामले में रिपोर्ट हुई थी। इसका वाद कल्पना बनाम बृजमोहन के बीच चल रहा था। इसमें बृजमोहन समेत तीन अन्य लोग भी आरोपी थी। बृजमोहन समेत अन्य आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकारी। वहीं न्यायिक अधिकारी ने जुर्माना लगाते हुए वाद का निस्तारण कर दिया।
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