सहायल। थाना क्षेत्र के गांव नराही में कर्ज से परेशान होकर जान देने वाले किसानों के परिजनों ने जिला प्रशासन व किसान गुट के नेता मिले। किसान नेताओं ने पीड़ित परिजनों को मदद दिलाए जाने की मांग की है।
नराही गांव निवासी आशाराम (45) खेती किसानी के साथ ही मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। कर्ज से परेशान होकर शनिवार सुबह घर के बाहर पेड़ से फंदा बांधकर आत्महत्या कर ली। भाई रामजीत ने बताया कि आशाराम की पांच बेटियां व आठ साल का बेटा है। उसने सहायल ग्रामीण बैंक से 50 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लिया था। जिसकी वसूली को लेकर आए दिन बैंक के कर्मचारी आते थे। ऋण अदा न कर पाने के चक्कर से आशाराम परेशान चल रहा था। जिस वजह से उसने आत्महत्या कर ली। बताया कि उसके हिस्से में महज एक बीघा जमीन है।
इसी मामले में रविवार दोपहर पहुंचे एसडीएम बिधूना निशांत तिवारी ने उसकी झोपड़ी देखी। वहीं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने इस दौरान एसडीएम से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग रखी। वहीं एसडीएम निशांत तिवारी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया।