संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के आदेश के अनुपालन के क्रम में अतिक्रमण एवं कब्जा हटाओ अभियान त्योहार एवं लोकसभा चुनाव के चलते टल गया। इस बीच प्रशासन भूमिहीन अति निर्धन भवन स्वामियों की सूची तैयार करने में जुट गया है।
अभियान के दौरान बेघर होने वाले ऐसे परिवार के लोगों को सिर पर छत देने की विभिन्न आवासीय योजनाओं से लाभान्वित करने की योजना बना रहा है। अमर उजाला में 19 मार्च के अंक में लोगों को सता रही बेरोजगार एवं बेघर होने की चिंता संबंधी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सोशल मीडिया पर भी यह खबर खूब वायरल हुई थी।
उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका के आदेश के अनुपालन में सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी ने दिबियापुर में कुल 639 भवनों पर नोटिस चस्पा किए गए थे। कुछ भवनों पर चस्पा नोटिसों की मियाद 13 मार्च एवं शेष बचे नोटिसों की मियाद 19 मार्च को पूरी हो गई थी। 20 मार्च को कब्जा एवं अतिक्रमण हटाने की प्रशासन ने तैयारी कर ली थी। हालांकि बाद में इसे होली के त्योहार एवं लोकसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव के बाद तक टाल दिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 639 भवनों पर प्रशासन का बुलडोजर चलने से लगभग पांच हजार लोग प्रभावित होंगे। काफी संख्या में लोगों का रोजगार छिन जाएगा। वही काफी लोग बेघर हो जाएंगे। लोगों का कहना है कि जिस भवन में उन्होंने पिछले लगभग 70 वर्ष गुजार दिए। कई लोगों की तीन पीढि़यों के जीवन इन मकानों दुकानों में गुजरे। लोगों ने अपनी पूरी जीवन की गाढ़ी कमाई मकानों दुकानों में लगा दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह लोग घर तो दूसरी जगह भी बसा लेंगे, लेकिन सड़क किनारे बनी दुकानों में दो तीन पीढि़यों से उन्हें और उनके परिवारों को रोजगार मिल रहा है, वह रोजगार दोबारा कैसे स्थापित हो पाएगा। स्थानीय लोगों की बेरोजगार एवं बेघर होने की समस्या को 19 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हुई थी।
काफी लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस खबर को शेयर किया था। पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने सभी 639 लोगों की सूची नगर पंचायत दिबियापुर को सौंपने के लिए कहा है। ताकि अतिक्रमण एवं कब्जा हटाने के दौरान प्रभावित ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा सके, जिनके पास रहने के लिए दूसरी कोई जगह नहीं बचेगी। बताते हैं कि ऐसे बेघर हुए लोगों को प्रशासन सरकार की विभिन्न आवासीय योजनाओं का लाभ दे सकती है।
वर्जन
जब भी इस तरह के कोई अभियान चलाए जाते हैं तो उसमें ( रिहैबिलिटेशन ) पुनर्वास पर फोकस होता है। जो सर्वे कराया जा रहा है उसमें यदि कोई बहुत ही निर्धन परिवार मिलेगा तो उसको कांशीराम आवास योजना या अन्य किसी तरीके से बसाने का प्रयास किया जाएगा। अभी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। यदि आएगी तो उसी अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
- नेहा प्रकाश जिलाधिकारी, औरैया।