लछियामऊ में रविवार शाम एचटी लाइन की चपेट में आए पांच लोगों की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीण रातभर शव रखकर लहरापुर मार्ग पर जाम लगाए रहे। ग्रामीणों के गुस्से के आगे पुलिस लाचार दिखाई दी। बवाल की आशंका में कई थानों का फोर्स गांव में तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारी पूरी रात ग्रामीणों को मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह सांसद डिंपल यादव को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
क्षेत्र के लछियामऊ गांव में शटडाउन लेकर एचटी लाइन ठीक करते समय बिजली आपूर्ति शुरू हो गई थी। इससे लाइनमैन गुड्डू (29) पुत्र ओमप्रकाश व तार हटाने में सहयोग कर रहे बृजेश (38) पुत्र बलराम प्रजापति व उसके दो बेटे श्यामू (18) व शिवम (12) और सत्यप्रकाश (28) पुत्र तुलसीराम की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर लहरापुर मार्ग पर जाम लगा दिया। मुआवजा दिलाने के साथ ही सांसद डिंपल यादव और मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का आक्रोश देख प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंच गए। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर रात मुख्यमंत्री की ओर से मृतक आश्रितों के लिए तीन-तीन लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई। मगर ग्रामीण नही मानें। रात में कई बार प्रशासन ने शव उठाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
शव उठाने पर ग्रामीणों ने किया पथराव
रविवार रात जब भारी पुलिस फोर्स पहुंच गया तो पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की। जैसे ही पुलिस ने शव उठाए तो ग्रामीण झपट पड़े और कुछ ग्रामीणों ने पत्थर भी चला दिए। आनन-फानन में पुलिस फोर्स बैकफुट पर दिखाई दी।
महिलाओं ने लाठी लेकर लिया मोर्चा
सोमवार सुबह स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम छोड़कर फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को मनाने में लगे रहे। प्रशासन ने शव उठाने के लिए दोबारा योजना बनाई तो गांव की महिलाओें ने हाथों में लाठी डंडे लेकर ललकारना शुरू कर दिया। महिलाओं का आक्रोश देख फिर प्रशासन बैकफुट पर चला गया।
मृतकों के परिजनों के लिए भिजवाया राशन
कंचौसी (औरैया)। लछियामऊ हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मृतक परिवारों के यहां राशन का प्रबंध कराया है। एसडीएम बिधूना जितेंद्र श्रीवास्तव ने मंगलवार को खाद्यान्न वितरण कराया। प्रधान धर्मेंद्र ने भी मृतकों के परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था कराई। गांव में पांच मौत के बाद मातम का माहौल है। दो दिन से ऐसी हालत होने पर प्रधान धर्मेंद्र ने सोमवार को सभी परिवारों के लिए खाने का इंतजाम कराया। इसके अलावा प्रशासन ने भी सहयोग किया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर मृतक परिवारों को एक सप्ताह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। डीएम ने बताया कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।
हाय, अब कैसन पलिहैं लरिका
लछियामऊ हादसे में जहां बृजेश के परिवार का वंश खत्म हो गया। गुड्डू और सत्यप्रकाश के मासूम बच्चों को यह ही नही पता कि आखिर उनके पापा को क्या हुआ। ऐसे में पीड़ित परिजनों के मुंह से रो-रोकर एक ही सवाल निकल रहा है, हाय, अब कैसन पलिहैं लरिका।बृजेश और उसके दोनों बेटे श्यामू व शिवम की मौत के बाद घर में सिर्फ एक बेटी सोनम बची है। वह मानस इंटर कालेज कंचौसी में इस साल इंटर की छात्रा है। बृजेश की पत्नी गुड्डी देवी का रो-रो कर यही कहना है कि अब उसकी बेटी की कैसे पढ़ाई होगी। कैसे उसकी शादी होगी। यही हालत मृतक गुड्डू के परिवार का है। मृतक गुड्ड़ू की दो बेटियां हैं सलोनी(4) व सुनेना(1)। गुड्डू की पत्नी सरिता के सामने यही संकट है। कैसे अब उनकी बेटियां पलेगी। जबकि घर में कमाने वाला सिर्फ गुड्डू ही था। उधर मृतक सत्यप्रकाश के घर में उसकी पत्नी रीना भी बेसुध है। मृतक सत्यप्रकाश के दो बेटे हैं मोहित (5) और रोहित(2)। सत्यप्रकाश मजदूरी करके घर का खर्चा चलता था। अब कौन कमायेगा और कैसे परिवार चलेगा।