शहर के घरेलू बिजली बिलों में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए एमडी को जांच रिपोर्ट भेजी है। मंडलीय जांच टीम ने जांच में सहयोग न करने के कारण उनको दोषी करार दिया है। घोटाले में तीन माह तक चली जांच में अभी तक एक्सईएन का पासवर्ड हैग करने वाले का कोई सुराग नहीं लगा है। घोटाले के खुलासे को लेकर अमर उजाला नवंबर 2015 से लगातार अभियान चला रहा है।
घरेलू बिजली बिलों में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में टेरा कंपनी ने दो दिन पहले 10 मीटर रीडरों को नौकरी से निकाल दिया था। इसके बाद अब एक्सईएन और एसडीओ की ओर कार्रवाई की सुई घूम गई है। करीब दो माह पहले मंडलीय जांच टीम ने चीफ इंजीनियर हरि प्रसाद गुप्ता को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में टेरा साफ्टवेयर कंपनी के प्राइवेट मीटर रीडरों को संलिप्त माना गया है। वहीं पासवर्ड का दुरुपयोग होने और जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाही बरतने और मंडलीय जांच टीम को सहयोग न करने पर एक्इर्सएन और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
बता दें कि बिलाें में किए गए घोटाले की जानकारी मिलने पर अमर उजाला ने नवंबर 2015 से इस प्रकरण को पर्त दर पर्त खोलते हुए उच्चाधिकारियों को घोटालेबाजों के खिलाफ जांच कराने को मजबूर कर दिया था। जिसमें हकीकत निकल कर सामने आने लगी है। ऐसे में तीन दिन पूर्व टेरा कंपनी की ओर से प्राइवेट मीटर रीडरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब अधिकारियों की बारी शुरू हो गई है।
मंडलीय जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच में सहयोग न करने और पासवर्ड के दुरुपयोग होेने पर ध्यान न देने, अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वाहन न करने पर एक्सईएन और एसडीओ को दोषी माना गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एमडी कार्यालय रिपोर्ट भेजी गई है। आदेश मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरि प्रसाद गुप्ता, चीफ इंजीनियर, कानपुर मंडल