औरैया। प्रदेश सरकार के खिलाफ निजीकरण को लेकर चल रहा अनिश्चित कालीन धरना-प्रदर्शन तीन माह की मोहलत पर मंगलवार देर रात समाप्त हो गया। ऐसे में निर्धारित अवधि में काम के आधार पर निजीकरण का निर्णय किया जाएगा। बुधवार को कार्य बहिष्कार वापस होते ही बिजली कार्यालय में कर्मचारी काम में जुटे दिखे।
बुधवार को बिजली कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने काम में जुटे दिखे। इससे पिछले तीन दिनों से कार्यालय में पसरा सन्नाटा दूर हो गया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के चेहरों पर रौनक दिखाई दे रही थी। इस दौरान राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जिलाध्यक्ष अवर अभियंता शिवदत्त ने बताया कि निजीकरण को लेकर बिजली कर्मियों का चल रहा विरोध-प्रदर्शन संगठन के प्रदेशीय नेतृत्व के साथ ऊर्जा मंत्री की बैठक के बाद तीन माह तक पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण को टाल दिया गया है। जिसमें तीन माह तक रेवेन्यू व बिजली की निर्बाध आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।
इसके उपरंात ही जो स्थितियां बनेंगी उसको लेकर संगठन व सरकार के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। सचिव अवर अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि हम लोगों ने कार्य बहिष्कार सरकार से हुई वार्ता के बाद फिलहाल समाप्त कर दिया है। फिलहाल सभी लोग मिलकर बिजली विभाग को निजीकरण में जाने से बचाने को हर संभव प्रयास करेंगे।