चकबंदी लेखपाल परीक्षा शुरु होने के तुरंत बाद दर्जनों परीक्षार्थी दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से हंगामा करते हुए बाहर निकल आए। सभी ने आरोप लगाया कि टूटी सील वाले लिफाफे से प्रश्नपत्र बांटे गए। इसके बाद उन्होंने विलरायां पनवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। अभ्यर्थियों को समझाने पहुंचे एडीएम, एएसपी, थानाध्यक्ष के साथ उनकी तीखी नोंकझोंक हुई।
क्षेत्र के आठ परीक्षा केंद्रों पर चकबंदी लेखपाल की परीक्षा 11 बजे शुरू हुई। आधा घंटे बाद नगर के ककराही बाजार स्थित विवेकानंद एंग्लोवैदिक बालिका इंटर कालेज एवं सहायल रोड स्थित स्वामी प्रेमशिवानंद इंटर कालेज के दर्जनों अभ्यर्थी केंद्र से उत्तर पुस्तिकाएं लेकर बाहर निकल आए। दोनों ही स्थानों पर अभ्यर्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
आरोप लगाया कि उन्हें जो प्रश्नपत्र दिया गया। उसकी सील पहले से ही टूटी थी। प्रश्नपत्र के बंडल पर लगी सील बिना दो अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर के ही तोड़ दी गई थी। पेपर आउट किए जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि प्रश्नपत्र एवं ओएमआर सीट के क्रमांक में अंतर था। विवेकानंद एंग्लोवैदिक बालिका इंटर कालेज में अभ्यर्थियों को समझाने के लिए एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर पहुंच गए। परंतु असंतुष्ट अभ्यर्थी हंगामा करते हुए फफूंद चौराहा स्थित फ्लाईओवर पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
काफी समझाने पर अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। परीक्षा समाप्त होने तक एडीएम और एएसपी वहीं जमे रहे। थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर का कहना है कि अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इधर, स्वामी प्रेमशिवानंद इंटर कालेज में डीएम माला श्रीवास्तव एवं एसपी मनोज तिवारी पहुंचे और अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं।
अभ्यर्थियों ने डीएम को शिकायतीपत्र दिया। इसमें रवि सिंह गौर समेत कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर ओएमआर सीट काफी देर से मिली। प्रश्नपत्र की सील पहले से ही हटी हुई थी। उनके सीरियल नंबर के ओएमआर सीट कोई और पहले ही भर चुका था। अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि चकबंदी लेखपाल परीक्षा का पर्चा आउट नहीं हुआ है। कुछ परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट लेकर केंद्र से बाहर आ गए थे। उन्हीं ने अफवाह फैलाई है।