अछल्दा (औरैया)। सेंगुर नदी में गुरुवार की शाम मछली पकड़ते समय डूबे अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव बघईपुर निवासी ब्रजेश (22) का शव शुक्रवार की देर शाम नदी में मिल गया। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार की सुबह तक ब्रजेश का सुराग न मिलने पर ग्रामीणों व परिजनों ने अछल्दा-महेवा मार्ग पर जाम लगाकर खूब हंगामा भी किया था। इस पर पुलिस ने लोगों को समझाबुझा कर किसी तरह जाम खत्म कराया था।
गांव बघईपुर निवासी ब्रजेश (22) अपने पिता दिनेश के साथ दिल्ली में काम करता था। लॉकडाउन में दोनों घर लौट आए और छोटा मोटा काम कर परिवार का पालन पोषण करने लगे। दिनेश के चार बेटों में ब्रजेश सबसे बड़ा है। दिनेश गुरुवार की शाम को सेंगुर नदी में मछली पकड़ने गया था।
थोड़ी देर बाद ब्रजेश बाइक से पिता को बुलाने गया तो वह भी मछली पकड़ने लगा। इसी बीच ब्रजेश का पैर फिसल गया और तेज बहाव में बह गया। पिता दिनेश के शोर मचाने पर आसपास खेत में काम कर रहे लोग दौड़े। कुछ लोगों ने नदी में छलांग भी लगाई, लेकिन ढूंढ नहीं पाए।
सूचना मिलने पर अछल्दा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात 11 बजे तक युवक तलाश कराई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार को सुबह होते ही नाविकों के साथ पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक युवक के बारे में कोई जानकारी नहीं होने पर परिजनों व ग्रामीणों ने अछल्दा- महेवा मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खत्म कराने के बाद युवक की तेजी से तलाश कराई। देर शाम नदी में डूबने के स्थान से कुछ दूरी पर उसका शव मिला।