अजीतमल (औरैया)। अमावता मोड़ के पास हाईवे पर शनिवार की रात बेकाबू वाहन की टक्कर से बाइक सवार की होरीलाल की मौत के बाद अधूरी सर्विस रोड व अवैध कट को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने जमकर उपद्रव किया। लोगों का कहना है कि अवैध कट की वजह से ही आज यह दुर्घटना हुई है। जाम में फंसी एंबुलेंस और रोडवेज बसों समेत प्राइवेट वाहन से लगभग एक-एक किमी तक दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। जाम में फंसे राहगीरों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने रोडवेज बसों में घुसकर सवारियों के साथ अभद्रता करते हुए लाठी डंडों, लात घूसों से मारपीट की। साथ ही रोडवेज बसों सहित जाम में फंसे अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की। इसमें लगभग छह रोडवेज बसों सहित कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मारपीट और वाहनों की तोड़फोड़ में कई सवारियां चुटहिल हुईं। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। सवारियां प्रदर्शनकारियों से अपनी जान और इज्जत की भीख मांगती दिखीं। कोतवाली पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे एएसपी कमलेश दीक्षित ने स्थिति बिगड़ते देख फफूंद, अयाना, औरैया सहित कई थानों का फोर्स बुला लिया। पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम लगाने वालों खदेड़ा, तब मामला शांत हुआ।
अमावता मोड़ पर सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत के बाद हंगामा कर लोगों के पथराव से रोडवेज बसों के क्षतिग्रस्त होने के बाबत इलाकाई लोगों का कहना है कि इसके लिए रोडवेज प्रशासन भी काफी हद तक जिम्मेदार है। लोगों का कहना है कि यदि रोडवेज बसे कस्बे में बने बस स्टैंड से होकर गुजरती तो बसों में तोड़फोड़ न होती।
होरीलाल की मौत के बाद उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी व मां का हाल बेहाल है। होरीलाल के बच्चे अवनीश और विशाल भी अपनी मां और दादी से लिपट कर रोते रहे। ग्रामीण कभी बच्चों को समझा रहे थे तो कभी उसकी पत्नी को संभाल रहे थे। पत्नी लक्ष्मी रो-रोकर यही कह रहीं थीं कि बहुत रोका था कि होटल पर खाना खाने मत जाओ। लेकिन थोड़े ही देर में वापस आने की बात कहकर चले गए थे। उसे क्या पता था कि अब वह कभी वापस नहीं लौटेंगे।
एसपी सुनीति ने बताया कि घटना में शामिल लोगों में छह लोग जबर सिंह पुत्र राधेश्याम, सुनील कुमार पुत्र सत्यनारायण, प्रेमपाल पुत्र लालाराम, जयपाल सिंह पुत्र नेकराम निवासी हजरतपुर-काजीपुर, कल्लू पुत्र रामनारायण व जीतू पुत्र जगमोहन निवासी गड़े का पुरवा दिबियापुर को जेल भेज दिया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त की गई पब्लिक प्रापर्टी के नुकसान की भरपाई आरोपियों से ही कराई जाएगी। इसके अलावा अन्य आरोपियों की भी पुलिस तलाश कर रही है।