अयाना (औरैया)। कस्बे के पास रविवार की शाम ई-रिक्शा पलटने से पुत्री के विवाह के लिए मंडप लेकर जा रहा पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां उसकी नाजुक हालत देख डॉक्टरों ने सैफई रेफर कर दिया। ऐसे में वह बेटी का कन्यादान भी नहीं कर सका। घायल का एक पुत्र सैफई में है, दूसरा दिल्ली में है, वह लॉकडाउन के चलते नहीं आ सका। शादी की सभी रस्में रिश्तेदारों ने निभाईं। कन्यादान लड़की की मामी ने किया। पांच घंटे में विवाह की सारी रस्में कराकर बेटी को विदा कर दिया गया।
अयाना निवासी राजेंद्र पाल (60) की पुत्री साधना का विवाह पंकज पुत्र सोबरन निवासी गांव गुदगी के साथ 24 मई को होना तय था। रविवार की शाम राजेंद्र पाल ई-रिक्शा से मंडप और अन्य सामान लेकर परिजनों के साथ गांव जलूपुर जा रहा था। कस्बे के पास ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में राजेंद्र पाल का हाथ व पैर टूट गया। ई-रिक्शा लेकर चालक भाग मौके से निकला।
राजेंद्र के दुर्घटना में घायल होने से साधना का कन्यादान उसकी मामी सुधा देवी ने किया। साधना के विवाह में उसके भाई भी शामिल नहीं हो सके। एक भाई भूरे लॉकडाउन के चलते दिल्ली में फंसा है, दूसरा भाई घायल पिता के साथ सैफई में है। प्रधान कल्लू यादव ने बताया कि विवाह की सभी रश्मों को गांव जलूपुर में उनके घर पर किया गया। ई-रिक्शा पलटने से उसमें रखा खाना भी खराब हो गया। इसके चलते बरातियों का स्वागत सिर्फ शर्बत व पेठे से किया गया।