संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारुल जैन ने थाना फफूंद क्षेत्र में प्रेमी की छुरी से गला रेतकर हत्या के मामले में निर्णय सुनाया। रीना व उसके देवर कौशल को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कौशल पर 26 हजार और उसकी भाभी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अभियोजन के अनुसार फफूंद थाना क्षेत्र के गांव सराय बिहारीदास निवासी अनिल कुमार ने पिता की हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी ने बताया कि 22 मार्च साल 2013 को पिता रामनारायन घर के बाहर लेटे थे। शाम साढ़े चार बजे अनिल पिता से बात करने के बाद घर के अंदर चला गया।
सुबह घर के बाहर पिता नहीं मिले। करीब छह बजे दिबियापुर रोड स्थित खाली खेत में शव पड़े होने की सूचना मिली। घटनास्थल पर जाकर बेटे ने पिता की शिनाख्त की। पिता का गला कटा व पेट व पीठ पर चोट के निशान मिले। बेटे ने मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना पता चला कि गांव की रीना से रामनारायन का प्रेम प्रसंग चल रहा था।
इसकी जानकारी उसके ससुरालीजन को हो गई। इस पर रीना व उसके देवर कौशल और एक नाबालिग देवर ने हत्या की साजिश रची। फोन पर प्रेमनारायन को खेत में बुला लिया। इधर, तीनों ने मिलकर छुरी से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने भाभी-देवर और मनोज के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किए। नाबालिग देवर की पत्रावली किशोर न्यायालय भेजी गई।
रीना और उसके देवर कौशल का मुकदमा एडीजे प्रथम कोर्ट में चला। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने हत्या के मामले में निर्णय सुनाया। अभियोजन ने दोषी पर कठोर कार्रवाई की बहस की। कोर्ट ने दोनों को दोषी माना और उम्र कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि वादी अनिल को अदा करने का आदेश दिया। निर्णय सुनाने के बाद में दोनों को इटावा जेल भेज दिया गया।