औरैया। जालौन और औरैया जनपद को जोड़ने वाले यमुना नदी के पुल की मरम्मत के चलते 14 अगस्त तक यहां से आवागमन बंद रहेगा।
शहर से करीब पांच किमी. दूर शेरगढ़ स्थित यमुना नदी के पुल पर 15 जुलाई से यातायात व पैदल निकलने पर प्रतिबंध लग जाएगा। पुल पर ट्रैफिक रोकने को सनगढ़ में जालौन की तरफ सीमेंटेड दीवार खड़ी की जाएगी। ये दीवार छह फिट ऊंची व आठ मीटर चौड़ी बनेगी।
वर्ष 2022 से यमुना नदी पुल में आईं खामियों को लेकर समय -समय पर मरम्मत होती रही। इस अवधि में कुछ दिनों के लिए यातायात भी रोका जा चुका है। मरम्मत के बाद इस पुल पर दोबारा भारी वाहन निकाले गए तो इस बार कई बेयरिंग टूटने व पियर चटक गए। इस कारण मजबूरन जिला प्रशासन को भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगानी पड़ी।
पिछले डेढ़ साल से भारी वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध लगा है, हालांकि छोटे वाहन इस पुल से गुजर रहे हैं, लेकिन अब पुल की बेयरिंग बदली जानी हैं। पुल की मरम्मत में करीब एक माह का समय लग सकता है। इंजीनियरों के मुताबिक मरम्मत का कार्य तभी संभव हो सकता है। जब आवागमन पूरी तरह बंद किया जाएगा।
ऐसे में पुल से आवागमन पर रोक लगाने के लिए शनिवार को औरैया डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व जालौन के डीएम राजेश पांडेय ने पुलिस अफसरों के साथ पुल का निरीक्षण किया था। इसके बाद में अफसरों ने कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में 15 जुलाई से 14 अगस्त तक आवागमन बंद रखने के निर्देश दिए थे।
आदेश पर 15 जुलाई से यमुना पुल की मरम्मत के लिए आवागमन बंद किया जाएगा। पुल पर आवागमन बंद करने के लिए सनगढ़ में जालौन की तरफ दीवार खड़ी की जाएगी। दीवार 15 जुलाई से पहले बनाकर तैयार हो जाएगी। दीवार बनने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल होगा।
अगर निर्देश मिला तो पैदल चलने वालों के लिए एक फुट की जगह छोड़ी जा सकती है। दीवार निर्माण के लिए सामग्री मंगाई गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य के चलते पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। पैदल लोग भी नहीं आ जा सकेंगे।
दो साल बाद पुल की मरम्मत की आस होगी पूरी
औरैया। यमुना नदी पुल में खामी आने की भनक पीडब्ल्यूडी को दो साल पहले लगी थी। इस पर प्रशासन को किए गए पत्राचार के बाद पर पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। वहीं आईआईटी एक्सपर्ट की टीम से इस पुल की खामी को पकड़ने का सर्वे कराया गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट पाने के लिए आठ माह तक बजट का इंतजार किया गया।
इस सब के बीच लेटलतीफी इस कदर हुई कि पुल की मरम्मत पूरी होने के इंतजार को दो साल पूरे हो गए। मालवाहकों को जहां बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चक्कर काटने पड़ रहे हैं, वहीं टोल भी देना पड़ रहा हैं। अब एक माह के अंदर यह मरम्मत कार्य पूरा हो पाएगा। जिसके बाद ही लोग यमुना नदी पुल पर वाहन दौड़ा सकेंगे।