पकी फसल और मौसम बिगड़ता देख जिले भर का अन्नदाता खेतों पर गेहूं कटाई करता देखा जा रहा है। शुरुआती दौर में समय पर बारिश और जरूरत के समय अनुकूल तापमान न मिलने से गेहूं की फसल किसानों को निराश कर रही है। सोमवार को फसल कटाई में लगे किसानों का अमर उजाला ने दयालपुर गांव का पुरसाहाल लिया। प्रतिकूल मौसम में झुलसा दाना देख किसानों की उम्मीदें भी झुलसती दिखाई दी। कटाई कर रहे किसान उत्पादन गिरने की भी दुहाई देते हुए दिखाई दिए। खेतों पर किसान और उनकी गेहूं फसल को लेकर हमारे संवाददाता की रिपोर्ट।
बेमन काम करते दिखे किसान
औरैया। दयालपुर गांव में ज्यादातर लघु सीमांत किसान हैं। छोटे-छोटे जमीन के टुकड़ों पर खेती करने वाले इन गांव के किसानों की माली हालत भी कुछ खास अच्छी नहीं है। पिछले दो सालों से खरीफ व रबी सीजन की फसलों के नुकसान से पीड़ित इस गांव के किसानों ने इस बार गेहूं की फसल की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद लगाई थी। लेकिन मरे दाने और गिरे उत्पादन ने उनकी उम्मीदें बिखेर कर रख दी हैं।
पीली की जगह सफेद बाली
औरैया। दयालपुर गांव के खेत पर फसल काट रहे किसान सुखदेव की मानें तो इस बार भी गेहूं फसल से उम्मीदें टूट रही हैं। पके गेहूं के फसल की पीली बाली भरपूर उत्पादन देती है। लेकिन इस बार फसल को अपेक्षित तापमान न मिलने से गर्मी की चपेट में आई गेहूं फसल की बाली सफेदी लिए हुए है। बाली सफेद पड़ने से दाना तो मरा हुआ ही है। वहीं उत्पादन में भी तीस से चालीस फीसदी तक की किसानों ने गिरावट होने की बात कही है।
गेहूं की फसल को समय पर अपेक्षित तापमान नहीं मिल सका है। पतला व सिकुड़ा दाना बाली से निकल सकता है। प्रतिकूल मौसम ने उत्पादन पर अपना असर दिखाया है।
डा.बनारसी यादव
डीडी कृषि