औरैया। अछल्दा क्षेत्र में बदमाशों ने जिस गोलीकांड को अंजाम दिया उसकी साजिश फिरोजाबाद में बैठे सिपाही कुलदीप ने रची थी। ये मुख्य आरोपी सुखानी का चचेरा भाई है। पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार सुखदेव व सुखानी ने पुलिस की पूछताछ में कबूला है। सुखानी ने तो पूछताछ में सिपाही पर कानूनी व आर्थिक मदद दिए जाने की बात कही थी। ऐसे में पुलिस अब अपने ही महकमे के कर्मी को रडार पर लेने जा रही है। साथ ही साथ पुलिस विवेचना में उन सभी को शामिल कर रही हैं जो आरोपियों की मददगार हैं।
अछल्दा के गांव गौतला निवासी सुखानी, रजनीश, रॉकी, राहुल जयकेश, सुखदेव, गौतम, बलवीर, कुलदीप व दूसरे पक्ष हरनारायणपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर विपिन, गांव आशा निवासी शिवा भदौरिया सहित अन्य के बीच वर्चस्व की जंग अंदर खाने काफी समय से छिड़ी थी जो 24 सितंबर को हुए गोलीकांड में बाहर आ गई। इसमें विपिन घायल हो गया था जबकि शिवा भागने में कामयाब हुआ लेकिन उसे बदमाशों ने रात में घर के बाहर से उठा लिया। इसके बाद गोली मार कर हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था। इस पूरे गोलीकांड का सूत्रधार फिरोजाबाद में पुलिस में तैनात सिपाई कुलदीप है। इसकी जानकारी गिरफ्तार आरोपी सुखानी व सुखदेव ने पुलिस को दी है।
मंगलवार तड़के तीन बजे मुठभेड़ में पुलिस ने गौतला गांव के सुखदेव व गौतम को पकड़ा है। सुखदेव ने पुलिस को बताया कि उनके वर्चस्व में हिस्ट्रीशीटर विपिन व शिवा आड़े आ रहे थे जो कुलदीप को नागवार गुजर रहा था। कुलदीप ने ही विपिन व शिवा को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। गोलीकांड के समय साजिशकर्ता घटनास्थल पर भले न हो लेकिन मोबाइल फोन से आरोपियों के संपर्क में था। खास बात तो यह रही कि मंगलवार को आरोपी सुखदेव व गौतम फिरोजाबाद में कुलदीप के पास जाने के लिए निकले थे लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों को धर दबोचा।(संवाद)
जिलाबदर की गिरफ्तारी पुलिस को दिखा रही आइना
- गोलीकांड में पकड़ा गया आरोपी सुखदेव छह माह के लिए है जिलाबदर
- वारदात को अंजाम देने व बाद में भी जिले में घूम रहा था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। अछल्दा क्षेत्र में हुए गोलीकांड ने पुलिसिंग व्यवस्था पर पग-पग पर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर आरोपियों के दुस्साहस ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जिस सुखदेव की गिरफ्तारी की वो जिलाबदर निकला है जोकि गोलीकांड को अंजाम देने के साथ ही जिले में ही घूम रहा था।
गांवों में होने वाली गतिविधियों पर पुलिस का खुफिया तंत्र नजर रखता है। गांव की गुटबाजी पुलिस की निगाह में रहती है। गौतला में इस गुटबाजी पर पुलिस निगाह तब खुली जब 24 सितंबर की रात हिस्ट्रीशीटर विपिन यादव व शिवा भदौरिया पर विपक्षियों ने फायरिंग की थी। यहां तक कि मौके से भाग निकले शिवा को आरोपी घर से उठा लाए थे। घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर शिवा की हत्या कर शव फेंक दिया थी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने सुरक्षित ठिकानों की तलाश पर चले गए।
जांच में जुटी पुलिस दो दिनों में लगातार मुठभेड़ देते हुए तीन आरोपियों को दबोचा है। तीनों आरोपियों पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। चौकाने वाली बात तो मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में सामने आई। पकड़ा गया आरोपी सुखदेव पुलिस की डायरी में जिलाबदर है। जिसे जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 31 जुलाई को छह माह के लिए जिलाबदर किया गया था। वो गोलीकांड को अंजाम देने के साथ ही जिले में अपना ठिकाना बनाए हुए था लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। ऐसे में पुलिस का खुफिया तंत्र इस पूरे मामले में सवालों के घेरे में है। पुलिसिंग के जानकार बताते हैं कि उनकी डायरी में दर्ज प्रत्येक अपराधी पर लगातार नजर रखी जाती है लेकिन ये आरोपी इसके बावजूद खुले घूम रहे थे।
-
सिरसागंज के शिशुपाल की थी बाइक
औरैया। मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी सुखदेव व गौतम के पास से एक बिना नंबर की बाइक बरामद की। इसकी पुलिस ने जांच की तो वह जनपद फिरोजाबाद थाना व कस्बा सिरसागंज के शिशुपाल की निकली है। माना जा रहा है यह बाइक भी साजिशकर्ता कुलदीप ने उपलब्ध कराई थी। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।