दिबियापुर/औरैया। जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में दिबियापुर के सेंट साईंनाथ इंटरमीडिएट कालेज में उद्यमिता विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत एनीमल हसबैंड्री का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें युवाओं को पशुपालन उद्योग के तरीके और उससे होने वाली आय की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अग्रणी जिला प्रबंधक महेंद्र सिंह ने कहा कि लघु व कुटीर उद्योग से दूरी बना लिए जाने के चलते आज युवा बेरोजगार है। उन्होंने स्थानीय संसाधन विकसित कर तरक्की के रास्तों का निमार्ण किए जाने पर जोर दिया। एलडीएम सिंह ने कहा कि मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट, बिस्कुट फैक्ट्री, चिप्स व फ्रिगंर चिप्स, पापड़ के उद्योग सहित अन्य की रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी गई है। सिंह ने बताया कि इसके अलावा मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, सुअर पालन, गाय, भैंस, मछली पालन आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की।
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. ओपी सचान ने पशुओं को होने वाली बीमारियों के बारे जानकारी दी। जिला विज्ञान क्लब औरैया के समन्वयक कौशल किशोर पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आशाराम वर्मा प्रभारी सधन मिनी डेरी परियोजना बकेवर इटावा ने दुग्ध उत्पादन के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संजीव दीक्षित, विनोद कुमार, एमए अग्रवाल, प्रधानाचार्य सेंट र्साइंनाथ कालेज दिबियापुर विनय किशोर पांडे आदि ने संबोधित किया। शिविर में कुंवर प्रताप सिंह, कप्तान सिंह, शैलेंद्र सिंह, राजेश सिंह, रवि कुमार, अरुण कुमार, राजवीर सिंह, सरोज कुमार, लौकेंद्र सिंह, नासिर खान, रविंद्र पोरवार आदि लोग रहे।