फफूंद (औरैया)। बाल विकास परियोजना कार्यालय भाग्यनगर में बच्चों को पुष्टाहार वितरण के नाम पर की जा रही अनियमितता की शिकायत की जांच करने पहुंचे एसडीएम सदर को मौके पर स्टाक रजिस्टर नदारद मिला। बुलाने पर पहुंची सीडीपीओ के पास गोदाम की चाबी न मिलने से खफा एसडीएम ने गोदाम सीज कर दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को मीनू के अनुसार पोषाहार वितरित करने की व्यवस्था है। भाग्यनगर ब्लाक में बाल विकास परियोजना कार्यालय आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषाहार वितरित करता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरित करने में की जा रही अनियमितता की शिकायत मिलने पर गुरुवार को एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव अचानक जांच करने पहुंच गए। कार्यालय में बाल विकास परियोजना अधिकारी अनुपमा श्रीवास्तव नहीं मिली। बाबू धर्मवीर सिंह भी गायब मिला। मौके पर मौजूद कर्मियों से पोषाहार का स्टाक रजिस्टर मांगा तो कार्यालय में नहीं मिला। इस पर एसडीएम सदर ने सीडीपीओ को मौके पर तलब किया। एसडीएम ने जब उनसे स्टाक रजिस्टर मांगा तो गोलमोल जवाब दिया। इस पर एसडीएम ने भंडारगृह खोलकर स्टाक चेक कराने को कहा। इस पर सीडीपीओ ने जवाब दिया कि उनके पास गोदाम की चाबी नहीं है। चाबी कार्यालय के बाबू धर्मवीर सिंह के पास है, जो बीमारी के चलते छुट्टी पर है। इस पर एसडीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीडीपीओ को गोदाम सीज कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने अपने सामने गोदाम सीज कराया।
बाल विकास परियोजना कार्यालय भाग्य नगर में निरीक्षण के दौरान कमियां मिली हैं। गैर जिम्मेदाराना कार्यों पर गोदाम को सीज करने की कार्रवाई की है। शुक्रवार को सीडीपीओ, संबंधित बाबू और अन्य अधिकारियों के सामने गोदाम में रखे स्टाक का मिलान किया जाएगा। यदि मिलान में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर