औरैया। जिले में पांच नए थानों के निर्माण में पुलिस महकमा ही बाधक बना है। महकमे की सुस्ती के कारण पांच साल बाद भी थानों का निर्माण नहीं हो पाया है। जिले में पांच नए थानों के निर्माण के लिए पांच वर्ष पूर्व जिला प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने थानों के निर्माण की संस्तुति भी कर दी लेकिन पुलिस महकमे ने अभी तक अभिलेख तैयार नहीं किए हैं। इस कारण थानों का निर्माण नहीं हो सका। हालांकि इनमें से एक महिला थाने का भवन तो बन चुका है लेकिन शासन की ओर से हरी झंडी न मिलने से इसकी भी शुरुआत नहीं हो सकी है।
जिले के स्वरूप और आबादी को देखते हुए वर्ष 2009 में मुरादगंज, ककोर, महिला थाना, कंचौसी और एक अन्य नए थाने के निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया था। शासन ने भी रजामंदी दे दी। बजट भी पास हो गया। एक-दो थानों के भवन भी बन गए हैं, बावजूद इसके नए थाने नहीं खुल पाए हैं। जिले का एकमात्र महिला थाना लंबे अर्से से उधार की बिल्डिंगों में चल रहा है। पहले पुरानी तहसील भवन में महिला थाना चल रहा था। जब तहसील भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो महिला थाना ब्लाक भवन में शिफ्ट हो गया। हालांकि दो-तीन साल पहले जिला मुख्यालय पर महिला थाना भवन बन गया, पर अभी तक महिला थाने को शिफ्ट नहीं किया गया। शेष चार थानों के निर्माण कार्य की शुरुआत भी नहीं हुई। नए थानों की शुरुआत में पुलिस महकमे ही लापरवाही ही बाधक है। महकमे ने अभी तक अभिलेखों को ही पूरा नहीं किया है।
जिले में पांच नए थानों की शुरुआत न हो पाने पर एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि नए थानों की शुरुआत में अभिलेखों का तैयार न होना आड़े आ रहा है। जल्द ही नए थानों की शुरुआत हो जाएगी।