- मंगलवार को हादसे में जब्त ट्रैक्टर में लदा था खाद्यान्न
- पुलिस ने बताया था सरसों और गेहूं, अब बदला बयान
अमर उजाला ब्यूरो
अछल्दा (औरैया)। ग्राम गांसीपुर में मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद जब्त ट्रैक्टर में लदे खाद्यान्न के बारे में थानाध्यक्ष का बदला बयान अब ग्रामीणों के दावे को सही साबित करता दिख रहा है। ट्राली पर लदे पीडीएस के चावल को सरसों और गेहूं बताने वाली पुलिस अब इस बारे में जानकारी से भी इंकार कर रही है। इससे रिपोर्ट में गोलमोल की भी पोल खुलती नजर आ रही है।
ग्राम गांसीपुर में मंगलवार को ट्रैक्टर ने युवक को रौंद दिया था। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल लदा होने की जानकारी पुलिस को दी थी। ग्रामीणों ने घटनास्थल पर चावल के बोरे खुले देखे जाने की भी बात कही थी। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में पीडीएस के चावल का कहीं जिक्र तक नहीं किया। अब मामले के तूल पकड़ने पर थाना पुलिस इससे मुंह चुराती दिख रही है। थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चंदेल का बयान बुधवार को पूरी तरह बदला नजर आया। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर ट्राली में क्या था उन्होंने खोलकर नहीं देखा। वहीं पुलिस की ओर से पीडीएस के चावल को एफआईआर में दर्ज न किए जाने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
इंसेट
जांच के निर्देश दिए
अछल्दा क्षेत्र के ग्राम गांसीपुर में मंगलवार को हुए सड़क हादसे में जब्त ट्रैक्टर ट्राली पर पीडीएस का चावल भी लदा था, ऐसी सूचना उन्हें बुधवार शाम 5:25 पर मिली है। जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।
मदन चंद्र दुबे, एसडीएम, बिधूना