औरैया। धनुषलीला देख घर लौट रहे युवक को पुलिस ने चोर समझ धर दबोचने के बाद पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। युवक की स्थिति गंभीर देख उसे घर छोड़ कर फरार हो गए। जानकारी मिलने पर व्यापारियों ने कोतवाली का घेराव किया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने युवक का जिला अस्पताल भेजवाया। एसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शहर के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी सतगुरु शरण उर्फ पंडित बाजपेई पुत्र संतोष बाजपेई कानपुर स्टैंड के पास चल रहे धनुष भंग लीला देखकर बुधवार रात करीब 12.15 बजे अपने घर पहुंचा। आरोप है कि वह घर का दरवाजा खटखटा रहा था कि वहां बाइक से नारायनपुर चौकी इंचार्ज सत्यवीर सिंह और सिपाही शाकिर पहुंचे। युवक को चोर समझ धर दबोचा। परिजनों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज एवं सिपाहियों ने उसे पुलिस लाइन में जमकर पीटा। इससे वह अधमरा हो गया। पिटाई से बेदम हुए युवक को पुलिसकर्मी कोतवाली ले जाने लगे। इसी दौरान सुभाष चौराहे पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार राय और कोतवाल बृजमोहन वर्मा वहां पहुंचे। युवक की हालत गंभीर देख पुलिस अफसरों ने उसे छोड़ने को कहा। इस पर पुलिसकर्मी घायल युवक को उसके दरवाजे के सामने छोड़ गए। मोहल्ले वालों ने पुलिसकर्मियों को रोकने का प्रयास किया तो वे गाली गलौज करते हुए निकल गए। जब मोहल्ले के लोगों को पूरी घटना की जानकारी मिली तो वे आक्रोशित हो गए। व्यापारियों के साथ मोहल्ले के तमाम लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंचे। यहां जुटे लोगों ने जमकर हंगामा किया। वे पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। विवाद बढ़ता देख कोतवाल बृजमोहन वर्मा ने घायल युवक को जिला अस्पताल भेजवाया। मौके पर पहुंचे सीओ सदर शिवराज सिंह ने मामले की जांच का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इस संबंध में एसपी अखिलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामले की जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। यदि मामला सही पाया गया तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। जांच में हकीकत सामने आ जाएगी। यदि कहीं भी पुलिस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करती है तो वह निंदनीय हैं। -- आशुतोष पांडेय, आईजी कानपुर जोन