फफूंद(औरैया)। हजरत पीर बुखारी शाह एवं महंत सहजानंद की याद में चल रही प्रदर्शनी में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाओं के माध्यम से लोगों को सोचने पर मजबूर किया। उन्होंने देश की समस्याओं को भी रचनाओं के जरिये उजागर किया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डा. कमलेश पाठक ने कार्यक्रम का उद्घाटन कर कवियों का आभार व्यक्त किया।
राज्य मंत्री ने समारोह के दौरान औरैया जनपद के विकास के लिए तत्पर रहने की बात कही। इसके बाद कवियों ने मंच संभाला। हैदरगढ़ से पधारे शिव किशोर त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत की। उन्होंने देशभक्ति से ओतप्रोत कविता पाठ कर वाहवाही बटोरी। भरथना से आए महेश मंगल ने राजनीति की विसंगतियों पर प्रहार किया। आगरा से आए रामेंद्र त्रिपाठी ने आर्थिक तंगी के बीच पल रहे बच्चों के भविष्य की चिंता को उजागर किया। सैफई से आए गौरव चौहान ने अपनी रचना के जरिये देश की मजबूती का बखान करते हुए तुच्छ राजनीति करने वाले नेताओं को आगाह किया। कानपुर से पधारी कवयित्री चांदनी पांडेय, उन्नाव जनपद से पहुंची प्रियंका शुक्ला ने भी रचनाओं से लोगों को प्रभावित किया। कहीं गीता महकती है, कहीं कुरान की खुशबू, हमारे जिस्म से आती है हिंदुस्तान की खुशबू सुनाकर औरैया के अजय शुक्ला ने खूब तालियां बटोरीं। अगर इरादे अमर शहीदों के फौलाद नहीं होते तो हम आजाद नहीं होते कविता के जरिए बाराबंकी के विनय शुक्ला ने देश के अमर शहीदों का गौरवगान किया। कानपुर से आए हेमंत पांडेय की हास्य रचनाओं पर लोगों ने ठहाके लगाए। अन्य कवियों ने भी प्रभावित किया। कार्यक्रम का संचालन मानवेंद्र पोरवाल और अजय शुक्ला ने किया। पूर्व प्रवक्ता नरेंद्र मोहन शुक्ला ने अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत चेयरमैन इजहार अहमद मेव, प्रदर्शनी अध्यक्ष मु. राशिद, सभासद सत्तार कुरैशी आदि ने मुख्य अतिथि राज्यमंत्री डा. कमलेश पाठक का स्वागत किया। मौके पर रामजी मिश्रा, सुरेशचंद्र, कृपाशंकर शुक्ला, पूर्व प्रधानाचार्य ब्रजनंदन लाल दीक्षित, संतोष शुक्ला, रामू शुक्ला आदि मौजूद रहे।