औरैया। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन कराने के प्रयास कारगर नहीं हो रहे हैं। कहीं कक्ष निरीक्षकों की कमी तो कहीं मनमाने ढंग से ड्यूटी करना विभाग के लिए परेशानी का सबब बना है। नकल माफियाओं के दबदबे के चलते नकल कराने के बदले कई कक्ष निरीक्षकों को मनचाही ड्यूटी देने का भी खेल चल रहा है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की कमान जिले में नकल माफियाओं के हाथों में थमी नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार नकल को लेकर प्रशासन की सख्ती के बाद भी नकल कराने के नए तरीके डीआईओएस कार्यालय की नींद उड़ाए हैं। अब नकल माफिया कक्ष निरीक्षकों को निशाना बना रहे हैं। इस क्रम में डीआईओएस कार्यालय में उनकी मनचाही ड्यूटी लगाने का खेल जारी है। बहुत से परीक्षा केंद्र ऐसे हैं जिनमें एक-एक ही कक्ष निरीक्षक तैनात है। जबकि दूसरे विद्यालयों में मर्जी के मुताबिक उन्हें डीआईओएस कार्यालय द्वारा तैनाती दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस बार डिबार केंद्रों पर विभाग ने ज्यादा विश्वास किया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद् की ओर से कराई जा रही बोर्ड परीक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं। इस संबंध में डीआईओएस राजकुमार पंडित ने बताया कि अभी तक उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। मामला संज्ञान में आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।