औरैया। शासन की ओर से बीपीएल सूची धारकों को उपचार के वास्ते स्मार्ट कार्ड जारी तो कर दिए गए हैं लेकिन उनमें व्याप्त त्रुटियों को दूर न किए जाने से लाभार्थी योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। इसकी बानगी बुधवार को देखने को मिली। जब शहर के एक मोहल्ला निवासी महिला स्मार्ट कार्ड लेकर निर्धारित केंद्र पर पर पहुंची। जहां पर स्मार्ट कार्ड चेक करने पर उसमें अंकित परिवार के लाभार्थियों की सूची से उसका नाम गायब था। जबकि उसके पति के नाम जारी स्मार्ट कार्ड पर उसकी फोटो अंकित थी। लेकिन वह उपचार से वंचित है।
स्मार्ट कार्ड की मदद से एक परिवार के पांच लोग अधिकतम 30 हजार रुपये तक का उपचार करा सकते हैं। इसमें एक दिन में छह सौ रुपये तक का एक व्यक्ति का उपचार किया जा सकता है। बुधवार को शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर तकिया निवासी मुंशीलाल की पत्नी देवकी जब स्मार्ट कार्ड लेकर उपचार कराने निर्धारित केंद्र आत्रेय नर्सिंग होम में डा.अशोक गर्ग के पास पहुंची। वहां उक्त महिला ने जैसे ही कर्मचारी को अपना कार्ड चेक कराया तो लाभार्थियों की सूची से नाम गायब देख वह भौचक्की रह गई। कर्मचारी ने बताया कि उसके परिवार के नाम की सूची से उसका नाम गायब है। इसके लिए वह जिला अस्पताल स्थित बीमा केंद्र पर जाकर शिकायत दर्ज कराए। इस संबंध में डा.अशोक गर्ग ने बताया कि स्मार्ट कार्ड बनाने वाली यूनाईटेड कंपनी की लापरवाही के चलते बहुत से लोग परेशान हैं। उधर उपचार न करा पाने से परेशान देवकी जब अपनी फरियाद लेकर जिला अस्पताल स्थित बीमा केंद्र पहुंची तो वहां पर ताला लटक रहा था। वह थकहार कर जिला अस्पताल के पास एक दुकान पर बैठ गई। इस बीच संवाददाता को इसकी जानकारी मिली। संवाददाता ने वहां पहुंचकर उसकी बात सुनी और स्मार्ट कार्ड देखा। इसके बाद एसीएमओ डा.प्रवीण रायजादा से बात की। डा.रायजादा ने बताया कि ऐसी अभी तक कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। यदि किसी के साथ समस्या है तो वह उनसे मिलकर अपनी बात बता सकता है। उन्होंने बताया कि संभवत: कार्ड बनाते समय दी गई जानकारी में त्रुटि हुई होगी। जिसके कारण परिवार के मुखिया के साथ उसकी पत्नी का नाम लाभार्थियाें की सूची में शामिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि लखनऊ से टीम आने के बाद ही समस्या का समाधान हो सकेगा।