दिबियापुर ( औरैया )। ग्राम जमुहां में चल रही श्रीमद्भागवत एवं ज्ञानयज्ञ समारोह के तीसरे दिन कथावाचक पंडित रामश्याम ने कहा कि जो व्यक्ति को अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाए, जो हमें अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाए, वह गुरु है।
कथा वाचक ने कहा कि सज्जनता की रक्षा के लिए दुष्टता का संहार करना अति आवश्यक है। संतुलन स्थापित करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। भगवान को जिस रुप में पूजेंगे उसी रुप में आपको दर्शन देंगे। आत्मिक शांति पाने के लिए प्रतिदिन सुबह अवश्य भगवान का ध्यान करना चाहिए। वहीं श्रीराम कथा वाचक पंडित अमरदीप शास्त्री ने कहा कि भगवान राम के रुप में हम आदर्श पुरुष को अपने सामने देखते हैं। उनके आदर्शों पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक और धन्य कर सकते हैं। आयोजक मंडल के आलोक दुबे ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 1 बजे तक एवं शाम 3 बजे से 6 बजे तक भागवत कथा एवं अपराह्न डेढ़ बजे से तीन बजे तक एवं शाम साढ़े सात बजे से रात 10 बजे तक श्रीराम कथा हो रही है। बताया, कथा का समापन 31 अक्टूबर को भव्य भंडारे के साथ होगा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामकुमार अवस्थी, विमलेश दुबे, माधवराम दुबे, रामचंद्र दुबे, श्रीकृ ष्ण दुबे, शंभूदयाल दुबे, कैलाश नाथ दुबे, अमित दीपू दुबे आदि मौजूद रहे।