एरवाकटरा (औरैया)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व संसदीय क्षेत्र में आने वाले कसबा एरवाकटरा सहित 250 ग्रामों की बिजली व्यवस्था बदहाल है। केंद्र पर लगी मशीनें वर्षों पुरानी होने व आग लग जाने के कारण खस्ताहाल हैं। जर्जर लाइनें भी निर्बाध आपूर्ति में बाधक हैं। जानकारी के बाद भी अफसरों ने कोई कदम नहीं उठाया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
एरवाकटरा बिजली केंद्र की जर्जर मशीनें और खस्ताहाल लाइनें केंद्र से जुडे 250 कसबों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। लोड़ बढ़ने से आए दिन मशीनों में आग लग जाने के कारण केंद्र पर तैनात कर्मचारी भी मौत से जूझने को मजबूर हैं। इससे 250 गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। एरवाकटरा बिजली केंद्र पर तीन फीडर हैं। इसमें एक कसबा एरवाकटरा, दूसरा उमरैन और तीसरा एरवाकटरा देहात का है। इन फीडरों से कसबे के गाजीपुर, चकमआ, सुरेंधा, देईपुर, तिलियाबोझा, इटैली, बामूखेड़ा, इमलिया, चिकटा, गुलालपुर, बमुराह, फैजुल्लापुर, हिरनी, नहरा बोझ, भैदपुर, चिरैयापुर, परशुआ, उमरेड़ी, पटना, कल्यानपुर, शेखूपुर, परवनगोई, सिलौर समेत 250 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। अधिशाषी अभियंता को कई बार जानकारी देकर मशीनें बदलवाए जाने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद आज तक उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान न किया गया तो वे चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।