मुख्यालय स्थित आठ एमवीए क्षमता के बिजली केंद्र की जर्जर मशीनों के कारण 96 घंटे से 100 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली केंद्र पहुंचकर हंगामा किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें जल्द आपूर्ति बहाल किए जाने का आश्वासन देकर लौटाया। बिजली न मिलने से इन गांवों के हजारों लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
चार दिन पहले आंधी आने से ककोर बिजली केंद्र की लाइन में समस्या आ गई थी। दिन में बिजली अधिकारियों ने इस समस्या को जैसे-तैसे दूर किया।
इसके बाद बिजली केंद्र की जर्जर मशीनों से फाल्ट के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। सुनवाई न होने पर कर्मचारियों ने केंद्र पर ताला डालकर अधिकारियों को ज्ञापन देकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक मशीनें ठीक नहीं होंगी तब तक आपूर्ति चालू नहीं की जाएगी। इसके चलते पिछले 96 घंटे से इस केंद्र से जुड़े लगभग सौ गांवों की आपूर्ति ठप है। रविवार को समस्या का समाधान न होते देख आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली केंद्र पर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही मौजूद जेई विवेक खरे, एसके मौर्या को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
किस फीडर पर कितने गांव और उन पर लोड
दौलतपुर फीडर=== 22 गांव, 16 सरकारी ट्यूबवेल, एक पानी की टंकी, 90 घरेलू समर
कंचौसी फीडर=== 35 गांव, एक सरकारी ट्यूबवेल, 75 समर, एक पानी की टंकी
जौंरा फीडर--- 42 गांव, 13 सरकारी ट्यूबवेल, 80 समर
मुख्यालय फीडर=== तीन पानी की बड़ी टंकियां
बिजली केंद्र की मशीनों में काफी दिनों से समस्या है। इस बावत कई बार एक्सईएन को लिखित दिया जा चुका है। अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। रविवार को बुलंदशहर से ब्रेकर इंजीनियर की टीम बुलाई गई थी। देर शाम तक दो मशीनों के ठीक होने की उम्मीद है। इससे थोड़ी-थोड़ी देर के लिए सभी फीडरों को आपूर्ति दी जाएगी। सामान की कमी से ठप चार मशीनों को जल्द ठीक कराया जाएगा।
विवेक खरे, जेई, ककोर बिजली केंद्र