अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। अब रात में सड़क किनारे बेघर व्यक्ति ठिठुरते नही मिलेंगे। बेघरों पर उच्च न्यायालय ने चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से रिपोर्ट मांगी है। बेघर व्यक्ति के लिए प्रदेश सरकार नगर पालिका के माध्यम से आश्रय गृह बनाएगी। शासन के निर्देश पर नगरीय क्षेत्र में बेघरों की तलाश की गई। साथ ही बेघरों के लिए नगर पालिका जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट डूडा को सौंप रही है।
13 दिसंबर को उच्च न्यायालय ने बेघरों के प्रति चिंता जाहिर करते हुए अगली 10 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी थी। शासन ने दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत बेघरों को आश्रय देना का शासनादेश जारी किया है। शासन ने नगर पालिका को निर्देशित किया है कि नगर पालिका तीन चक्र में अभियान चलाकर बेघरों को चिह्नित करे, जिसके तहत नगर पालिका ने 21 से 26 दिसंबर के बीच 9 बजे से 2 बजे तक बेघरों की तलाश की है। 18 लोगों को चिह्नित किया गया है।
नगर पालिका जिला नगरीय विकास प्राधिकरण डूडा को जानकारी देगा। इसके बाद पूरी जानकारी वेबसाइट के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। वहीं, नगर पालिका परिषद ने आश्रय गृह के लिए शहर में जमीन चिह्नित कर ली है।
ईओ संजय कुमार ने बताया कि बेघरों को अभियान के तहत चिह्नित किया जा रहा है उनके आश्रय गृह के लिए नगर पालिका ने डीएम आवास के समीप पालिका की जमीन को चिह्नित कर संबधित रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। तब तक इन्हें रैन बसेरों में ठहराया जाएगा।