132 केवी देवकली उप बिजली संस्थान को उच्चीकृत करने की कवायद शुरू हो गई है। इस केंद्र को 40 एमवीए से बढ़ाकर 80 एमवीए किया जा रहा है। कम क्षमता होने के कारण इस केंद्र से एक साथ सभी बिजली केंद्राें को आपूर्ति दिए जाने में समस्या आ रही थी।
देवकली उप बिजली संस्थान से आनेपुर, भगौतीपुर, औरैया प्रथम, औरैया द्वितीय अयाना व जिला न्यायालय के बिजली केंद्रों को आपूर्ति दिए जाने को लाइन बनाई गई। इसका उद्देश्य शहर वासियों को 27 किलोमीटर दूर असैनी से औरैया आने वाली 132 केवी बिजली लाइन से होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाना था। इसके चलते शुरुआती दौर में इस केंद्र से आनेपुर बिजली केंद्र को जोड़ा गया। इसके बाद भगौतीपुर व जिला न्यायालय को आपूर्ति दी गई। बाद में अयाना बिजली केंद्र भी जोड़ दिया गया। ऐसे में 40 एमवीए के इस केंद्र से धीरे-धीरे 30 एमवीए व 400 केवीए की आपूर्ति शुरु कर दी गई। वहीं शहर के एक नंबर व दो नंबर बिजली केंद्र जुड़ने से वंचित रह गए।
132 केवी उप बिजली संस्थान के बनाए गए प्रस्ताव में अधिकारियों की ओर से लापरवाही बरती गई। इसके कारण 60 एमवीए से अधिक लोड की क्षमता वाले बिजली केंद्रों को 132 केवी उप संस्थान पर लगे 40 एमवीए के ट्रांसफार्मरों से जोड़े जाने का काम किया गया। इसके परिणाम स्वरुप शहर के एक नंबर व दो नंबर बिजली केंद्रों को आज तक देवकली संस्थान से आपूर्ति नहीं मिल पाई। इस मामले में एसडीओ ट्रांसमिशन एके गुप्ता ने बताया कि देवकली उप बिजली संस्थान को 40 एमवीए से बढ़ाकर 80 एमवीए किया जा रहा है।
केंद्र पर लगे 20-20 एमवीए के ट्रांसफार्मरों को हटाया जा रहा है। दो दिन में पहला 40 एमवीए का ट्रांसफार्मर देवकली बिजली केंद्र पहुंचा जाएगा। वहीं एक सप्ताह में दोनों ट्रांसफार्मरों को लगाकर केंद्र को 80 एमवीए क्षमता से लैस कर दिया जाएगा। जिससे शहर के एक नंबर व दो नंबर बिजली केंद्रों को भी जोड़कर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा सके।