खरीफ सत्र 2015-16 में धान, बाजरा की फसलों का बीमा कराने वाले जिले के किसानों के लिए खुशी की खबर है। अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से जिले को उपलब्ध कराई गई मुआवजे की धनराशि उनके खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। वहीं प्रीमियम जमा कराने के बाद फसलों को बीमा कराने के बाद भी मुआवजा लाभार्थी बीमित किसानों की सूची से बाहर किए योजना के 16668 किसानों को मुआवजे के भुगतान को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी है।
खरीफ सत्र 2015-16 में कमजोर मानसून के चलते धान, बाजरा की फसलें सूखे की भेंट चढ़ने पर जिला स्तर कराए गए सत्यापन के बाद अनुबंधित बीमा कंपनी आईसीआईसीआई-लोंबार्ड ने फसली बीमा योजना के कुल बीमित 25605 किसानों के सापेक्ष 9937 किसानों को 6करोड़15लाख 4हजार 714 रुपये मुआवजा देना तय किया है। उक्त बीमा कंपनी की ओर से पात्र किसानों के सीधे खातों में मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए राशि जिले को उपलब्ध कराई गई धनराशि बैंकों को प्राप्त हो जाने के बाद बैंकों ने फसल बर्बादी से उजड़े बीमित किसानों के सीधे खाते में मुआवजे की धनराशि भेज दी है। बैंकों की ओर से मुआवजे के प्राप्त किसानों की कुल 9937 किसानों के सापेक्ष शुक्रवार तक 7414 किसानों के खातों में 2करोड़ 36लाख 56हजार 127 रुपये बीमित फसलों के मुआवजे के रूप में हस्तांतरित कर दिया गया है।
दो बैंकों से संबद्ध 2523 किसानों को इंतजार
खरीफ सत्र 2015-16 की सूखे की भेंट चढ़ी फसलों के नुकसान की भरपाई करने को मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराने वाले 2523 किसान अभी मुआवजे से दूर हैं। जिले की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक से संबद्ध उक्त किसानों के खातों में मुआवजे की अवशेष 4करोड़ 65लाख 98हजार 614 रुपये की धनराशि अभी हस्तांतरित नहीं हो सकी है। उक्त बैंकों से जुड़े किसान मुआवजे के लिए बैंकों की ओर निहारते देखे जा रहे हैं।
अनुबंधित बीमा कंपनी की ओर से प्राप्त कराई गई मुआवजा राशि को बैंकों के माध्यम से ज्यादातर बीमित किसानों के खातों में हस्तांतरित करा दिया गया है। पिछले दो दिनों से कनेक्टिविटी फेल होने के ट्रांसफर की प्रक्रिया रोकनी पड़ी है। शीघ्र अवशेष बैंकों को भी जल्द मुआवजे की ओर से भी किसानों के खातों में हस्तांतरित करा दी जाएगी।
दूधनाथ अग्रणी जिला प्रबंधक