फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नदियों में उफान, सांसत में पड़ी ग्रामीणों की जान

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने नदी किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है। जिला मुख्यालय समेत बेतवा व यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांव पानी से भरे हुए हैं। कई गांवों के लोगों को घरों से निकलने तक में परेशानी हो रही है। जहां भी नाले हैं, वे सब उफनाए हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण लोगों की धड़कन भी बढ़ती जा रही है। कई गांवों को पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है।
विज्ञापन

यमुना व बेतवा के किनारे वाले गांवों में चारों तरफ से पानी आ रहा है। कोंच के चमरसेना में गांवों में पानी भर गया है। जिससे उसका कोंच मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। गांव के रामकुमार निरंजन, शिवशंकर, जगतराज ने बताया कि दो दिन से यहां के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

बेतवा में पानी भरने के कारण क्षेत्र के परासन, कहटा, सुनेहटा, पड़री डेरा सहित एक दर्जन गांवों में अब भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से मुनादी कराकर बेतवा के किनारे बसे लोगों को जगह खाली करने की हिदायत दी गई है। हालांकि मंगलवार को पानी उतरने लगा है। फिर भी स्थानीय प्रशासन लगातार नजर रखे है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन


उधर कालपी में भी यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यमुना का जलस्तर तीन सेंटीमीटर के प्रति घंटे के हिसाब से लगातार बढ़ रहा है। शाम पांच बजे इसका स्तर 99.64 था। जबकि यहां खतरे का निशान 108 मीटर पर है। जो कि खतरे के निशान से 8 मीटर नीचे है। इसी तरह बेतवा का जलस्तर भी 113.80 पर चल रहा है। यहां खतरे का निशान 122.66 मीटर पर लगा है।
विज्ञापन


बेतवा, यमुना और पहुंज का बढ़ता जलस्तर बजा रहा खतरे की घंटी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें