फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मटहौली घाट मामले में अज्ञात माफियाओं पर रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई/रामपुरा। मटहौली घाट पर मंगलवार की यूपी-100 की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में एक बार फिर पुलिस बैकफुट पर नजर आई। पुलिस ने जगम्मनपुर चौकी के सिपाही की ओर से अज्ञात खनन माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खनिज विभाग के अधिकारियों की मानें तो घाट से गांव के आसपास के लोग ही खनन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रामपुरा थाना पुलिस और खनन माफियाओं की सांठगांठ है। यही कारण है कि मामले को दबाने के लिए हमेशा की तरह अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


बता दें कि मंगलवार की रात ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि 4-5 ट्रैक्टर घाट पर अवैध खनन कर रहे हैं। जब यूपी 100 की गाड़ी पहुंची तो माफिया ट्रैक्टर पर सवार होकर भागने लगे। इस दौरान एक ट्रैक्टर में सवार माफिया ने चालक को ललकार कर यूपी 100 की गाड़ी को क्षतिग्रस्त करा दिया था।

थाना पुलिस मामले में कार्रवाई की बजाए उसे दबाने में लग गई थी। इस कारण ही किसी अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं पड़ने दी गई। मीडिया में मामला आने के बाद हरकत में आई थाना पुलिस ने जगम्मनपुर चौकी के सिपाही राकेश की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक समेत तीन अज्ञात के खिलाफ अवैध खनन की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि एफआईआर में न तो चालक का पता है और न ही माफिया का। लिहाजा मामले में कुछ होने वाला भी नहीं है। इसी तरह एसडीएम के साथ हुई अभद्रता के मामले में भी माधौगढ़ पुलिस ने अज्ञात माफियाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।

खनन करते दबोचे गए चार मजदूर
कालपी के निकट स्थित महेवा और हररायपुर मौजे के बीच स्थित घाट पर अवैध खनन की सूचना मिलने पर खनिज विभाग की टीम ने छापेमारी की। मौके पर टीम को चार मजदूर खनन करते मिले। खनिज अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल चारों मजदूरों को पुलिस के सुपुर्द कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया जा रहा है। इसके अलावा खनन कराने वाले का भी पता किया जा रहा है।
विज्ञापन


रामपुरा पुलिस नादान, कब होगी माफियाओं की पहचान
ग्रामीणों का आरोप पुलिस ही करा रही अवैध खनन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें