अमर उजाला ब्यूरो
ऊमरी (ब्यूरो)। पिछले दो महीनों से ऊमरी के साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद नहीं है। किसानों को निजी दुकानदारों से खाद खरीदनी पड़ रही है। वहीं समिति के सचिव का कहना है कि अब मशीनों में किसानों का अंगूठा लगने के बाद ही खाद मिलेगी। इस प्रक्रिया मेें अभी थोड़ा वक्त लगेगा। जैसे ही मशीनें लग जाएंगी किसानों को आसानी से खाद मिलनी शुरू हो जाएगी।
ऊमरी के सघन सहकारी समिति में पिछले दो महीने से खाद नहीं हैं। इससे किसानों को खरीफ की फसल के लिए बाहर से खाद खरीदनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि किसानों को निर्धारित मूल्य से 50 से 60 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। बीमा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। किसान रज्जन सिंह व बच्चा सेंगर का कहना है कि वे सहकारी समिति पहुंचे, जहां उन्हें खाद नहीं मिली।
मजबूरी में उन्होंने खाद की बोरियां बाहर से खरीदीं, तब कहीं जाकर वे खेत में खाद डाल सकें। राहुल व अजय पंडित का कहना है कि समिति से यदि बीमा देकर खरीदी जाए तो 347 रुपये की पड़ती है जबकि यही खाद बाहर से लेने पर 400 रुपये प्रति बोरी मिल रही है। किसान देवेंद्र व शत्रुधन का कहना हैं कि बाहर से खाद खरीदने पर बीमा नहीं मिलता जबकि समिति से खरीदने पर बीमा की गारंटी होती है। सहकारी समिति के सचिव श्रीनिवास गुप्ता का कहना है कि अब किसानों को मशीनों पर अंगूठा लगाने के बाद ही खाद दी जाएगी। यह प्रक्रिया भी अभी चल रही है, मशीन भी आ चुकी हैं एक दो दिन में मशीन के चालू होते ही किसानों को खाद का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
-पिछले दो महीने से नहीं हैं समिति में यूरिया खाद
-बाहर से खरीदने पर नहीं मिलता बीमा का लाभ