औरैया। जिले में पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) व्यवस्था लागू होने के साथ ही रसोई गैस उपभोक्ताओं पर बड़ा असर पड़ने जा रहा है।
जिन क्षेत्रों में पीएनजी सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां रहने वाले करीब 7100 उपभोक्ताओं को अब गैस सिलिंडर से वंचित होना पड़ सकता है। इसके अलावा पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में अगर लोग कनेक्शन नहीं लेते हैं तो उनका सिलिंडर बंद हो सकता है। हालांकि नए कनेक्शन के लिए उन्हें तीन माह का समय दिया गया है।
जिले में प्रभावित उपभोक्ताओं में 3965 औरैया शहर तथा 3135 दिबियापुर के उपभोक्ता शामिल हैं। संबंधित गैस आपूर्ति कंपनी टोरेंट द्वारा इन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है और कई इलाकों में यह सुविधा शुरू भी हो चुकी है। भारत सरकार के नए नियम के अनुसार जिन घरों तक पाइप गैस पहुंचाने की व्यवस्था हो चुकी है, उन्हें पहले सूचना दी जाएगी।
सूचना मिलने के बाद उपभोक्ताओं को तीन महीने का समय दिया गया है, जिसमें उन्हें पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में आवेदन नहीं किया जाता है तो संबंधित पते पर एलपीजी गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
हालांकि, जानकारी के बावजूद टोरेंट कंपनी के पास अपेक्षित संख्या में नए कनेक्शन के आवेदन नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस नए नियम के दायरे में आ सकते हैं। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को घर-घर भेजकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है, ताकि वे समय रहते कनेक्शन ले सकें। नए प्रावधान के तहत अब एक घर में दो गैस कनेक्शन रखने की व्यवस्था भी समाप्त की जा रही है। यानी जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलिंडर रखने की अनुमति नहीं होगी। इससे गैस वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने और अनावश्यक खपत को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के टोरेंट कंपनी के मैनेजर गौरव रतन ने बताया कि कर्मचारियों को घर-घर भेजकर नए नियम की जानकारी दी जा रही है। अभी नए कनेक्शन के आवेदनों की संख्या कुछ खास नहीं आ रही है।
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कालाबाजारी पर अंकुश लगाने का प्रयास
नई व्यवस्था से गैस की कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत की समस्या पर भी अंकुश लगेगा। अक्सर अफवाहों के चलते लोग अतिरिक्त सिलिंडर लेने लगते हैं, इससे वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी होती है। पीएनजी लागू होने से ऐसी स्थितियों में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि, जिन क्षेत्रों या घरों में तकनीकी कारणों से पाइप गैस कनेक्शन देना संभव नहीं होगा, वहां संबंधित संस्था द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को सिलिंडर की सुविधा जारी रहेगी।