औरैया। पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल खराब कर दी थी। लेखपालों के द्वारा कराए गए सर्वे में 20 गांवों की 431 हेक्टेयर जमीन पर फसल को नुकसान की पुष्टि हुई थी। अभी तक बारिश व ओलावृष्टि को लेकर 700 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। इसका स्थलीय निरीक्षण चल रहा है।
बारिश थम जाने के बाद अब गेहूं की कटाई ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी थीं। इस मौसम के चलते सरकारी सर्वे में जिले के बीस गांवों में नुकसान की भी पुष्टि हुई थी। सरकारी सर्वे में फसल नुकसान का दायरा तीन प्रतिशत से लेकर 33 प्रतिशत तक आंका गया था। सर्वे के बाद मौसम की मार से परेशान किसानों को मुआवजा मिलने की राह में सरकारी नियमों की अड़चन सामने आ रही है।
दरअसल मुआवजे के लिए नुकसान का प्रतिशत 30 से 35 होना चाहिए लेकिन सरकारी सर्वे में कुछ ही गांवों में नुकसान का प्रतिशत इस आंकड़े को छू रहा है। ऐसे में किसानों को मुआवजा मिलने पर भी संकट दिख रहा है। उधर फसल बीमा कराने वाले किसानों की ओर से 700 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।
बीमा कंपनी को दर्ज कराई गई इन शिकायतों में बीस गांवों से इतर भी किसानों ने फसल नुकसान की सूचना दी है। हालांकि कृषि विभाग की ओर से इन शिकायतों को लेकर नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है।
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पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि को लेकर फसल बीमा कराने वाले सात सौ से ज्यादा किसानों ने नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है। स्थलीय मुआयना किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर बीमा दावा मिलेगा। -शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी