जिला कार्य योजना समिति की बैठक में इस बार जिले के तीन पर्यटन स्थलों को संवारने के लिए 65 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन की ओर से हरी झंडी मिलते ही पर्यटन स्थलों को संवारने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जिले में तीन स्थलों को पर्यटन स्थल का दर्जा प्राप्त है। जिसमें एरवाकटरा गांव स्थित दोवा माफी अलोपी देवी दुर्वाषा मंदिर, देवकली मंदिर व दिबियापुर स्थित महामाई मंदिर प्रमुख है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक तीनों पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण होगा। जिसमें एरवाकटरा गांव में स्थित दोवा माफी अलोपी देवी दुर्वाषा मंदिर पर्यटन स्थल के लिए 35 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसी प्रकार देवकली मंदिर को पर्यटन स्थल के लिए जिला कार्य योजना समिति की बैठक में 20 लाख रुपये का प्रस्ताव समिति की ओर से शासन को भेजा गया है। इसी प्रकार दिबियापुर कस्बा स्थित महामाई मंदिर को भव्य रूप दिए जाने के लिए 10 लाख रुपये का प्रस्ताव जिला कार्य समिति की बैठक में स्वीकृत हो चुका है। यह प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया जिला कार्य समिति की ओर से साल 2015-16 में भी पर्यटन स्थलों की साज-सज्जा के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन शासन की ओर से स्वीकृति न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका था। वहीं 2016-17 में कार्य योजना समिति ने पर्यटन स्थलों के दिन बहुरने के लिए एक बार फिर से प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस बार उम्मीद लगाई जा जल्द ही शासन की ओर से हरी झंडी मिल जाएगी। सीडीओ सतेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जिला कार्य समिति की बैठक में पर्यटन स्थलों की साज-सज्जा के लिए 65 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। प्रस्ताव पास होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।