औरैया। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को 18 परीक्षा केंद्रों पर समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) की परीक्षा कराई गई।
इस परीक्षा में कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में 63 फीसदी ने परीक्षा छोड़ दी। 18 केंद्रों पर पंजीकृत 7776 अभ्यर्थियों में मात्र 2872 ने ही परीक्षा दी। जबकि 4904 अनुपस्थित रहे।
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जुट गई। उन्हें गहन तलाशी के बाद परीक्षा केंद्र के अंदर दाखिल किया गया। जहां पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा दिलाई गई। सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट से लेकर पर्यवेक्षक इस दौरान भ्रमण पर रहे।
जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर आरओ-एआरओ परीक्षा के लिए 7776 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। ये परीक्षा एक पाली में सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक चली। वहीं, तलाशी के दौरान यहां पर महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे और पुरुष अभ्यर्थियों के धूप से बचाव वाले चश्मे तक उतरवाए गए। उधर, 7776 अभ्यर्थियों में से 2872 ने ही परीक्षा दी।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिजित आर शंकर भ्रमण पर रहे। उधर, परीक्षा को लेकर शहर व कस्बों में जाम की स्थिति रही। रोडवेज डिपो की ओर से आगरा व कानपुर रूट पर 10-10 अतिरिक्त बसें दौड़ाई गईं।
वहीं अछल्दा, फफूंद व कंचौसी स्टेशन से अभ्यर्थियों ने ट्रेनों से सफर किया। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से कराई गई है। किसी भी केंद्र पर कोई अव्यवस्था नहीं हुई।
सवाल कठिन थे
कानपुर निवासी अभ्यर्थी शिवानी पटेल ने बताया कि सामाजिक विषय के सवाल कठिन थे। उनमें कुछ हद तक समय लगा। बाकी पेपर सरल रहा।
रीजनिंग ने उलझाया
कानपुर निवासी अभ्यर्थी मेघा तिवारी ने बताया कि रीजनिंग के कुछ सवाल उलझाऊ थे। ओवरऑल पेपर अच्छा गया है। बाकी सवाल सरल रहे।
परीक्षा से पहले बिगड़ गई अभ्यर्थी की तबीयत
दिबियापुर कस्बा के वैदिक इंटर कॉलेज में कानपुर नगर से परीक्षा देने आईं अभ्यर्थी दीक्षा गौर की सुबह साढ़े सात बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर साथ आए परिजनों ने उन्हें कुछ देर के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से उपचार के बाद दीक्षा ने केंद्र पर पहुंचकर परीक्षा दी।