शहर के जालौन चौराहा स्थित पांडेय गेस्ट हाउस शेल्टर होम से शनिवार को दोपहर 59 क्वारंटीन भाग निकले। सूचना पर आनन-फानन में प्रशासनिक अफसरों ने शेल्टर होम से आधा किलोमीटर की दूरी पर उन्हें पकड़ लिया।
क्वारंटीनों ने समय से भोजन न मिलने का आरोप लगाते हुए घर जाने की इच्छा जताई है। अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा के सदर विधायक रमेश दिवाकर ने किसी तरह से क्वारंटीनों को समझाया और शेल्टर होम भेजा।
जालौन चौराहा के पास स्थित पांडेय गेस्ट हाउस में बने शेल्टर होम में बिहार और झारखंड के 59 मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है।
यह सभी क्वारंटीन मजदूर 2 अप्रैल को फफूंद रेलवे स्टेशन में मालगाड़ी से जाते हुए पकड़े गए थे। इनको एक महीने का समय बीत चुका है। लेकिन राज्य सरकार की गाइड लाइन न आने से इनको इनके राज्य नहीं भेजा जा सका है।
शनिवार को दोपहर लगभग एक बजे यह सभी क्वारंटीन शेल्टर होम से भाग निकले। इसकी जानकारी सुरक्षाकर्मियों और लेखपाल ने प्रशासनिक अधिकारियों की दी।
कानपुर की तरफ पैदल भाग रहे इन क्वारंटीनों को शेल्टर होम से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ, एसडीएम सदर विजेता ने पुलिस फोर्स के साथ रोक लिया।
उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस बीच वहां से निकल रहे भाजपा के सदर विधायक रमेश दिवाकर ने मजदूरों को देख उनकी समस्या को सुना।
आक्रोशित मजदूरों ने विधायक सदर को बताया कि उन्हें शेल्टर होम में भरपेट भोजन नहीं दिया जा रहा है।
इसके साथ ही वहां पुलिस कर्मी उन्हें बिहारी बताकर गाली गलौज और अभद्रता भी करते हैं। इन मजदूरों ने शेल्टर होम की बिजली काटने, पीने का पानी न मिलने का आरोप लगाया।
विधायक सदर ने मजदूरों की समस्याओं को सुना और शीघ्र उन्हें घर जाने का प्रबंध करने के साथ ही दी जाने वाली सुविधाओं की जांच कराने की बात कही।
विधायक सदर के समझाने पर मजदूर माने और वापस शेल्टर होम लौटे। शेल्टर होम पहुंचे मजदूरों ने एसडीएम और सीओ सिटी से कहा कि उन्हें अपने परिवार की चिंता है। शीघ्र ही उनके घर जाने का इंतजाम किया जाए।
पांडेय गेस्ट हाउस में क्वारंटीन किए गए 59 लोग बिहार और झारखंड के हैं। यह घर जाने की जिद में पहले भी प्रशासन पर अनर्गल आरोप लगाकर गेस्ट हाउस में हंगामा कर चुके हैं,
इनकी मूल मांग घर जाने की है, लेकिन शासन की ओर से कोई आदेश न आने के चलते इन्हें नहीं भेजा जा रहा है। शेल्टर होम में भोजन न मिलने आदि की जो शिकायत क्वारंटीनों ने की है, वह बेबुनियाद हैं। अभिषेक सिंह जिलाधिकारी
क्वारंटीनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराएंगे। यदि जिले के अधिकारियों ने किसी भी क्वारंटीन के साथ दुव्र्यवहार किया। तो उनकी शिकायत लखनऊ बैठे अधिकारियों से की जाएगी। - रमेश दिवाकर सदर विधायक भाजपा